उत्तर प्रदेश में बीजेपी के हाथों करारी हार के बाद कांग्रसी खेमे में महागठबंधन के विचार को बल मिल रहा है। 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा से मुकाबला करने के लिए गैर बीजेपी पार्टी आपसी सहयोग और महागठबंधन पर विचार कर सकती हैं।
कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसके लिए समर्थन दे दिया है। इसके अलावा दूसरे राजनीतिक दल जैसे सपा, बसपा से भी महागठबंधन के लिए साथ आने का संकेत मिल रहा है। राजनीतिक दल अब समझ चुके हैं कि वो अकेले नरेंद्र मोदी के प्रतिनिधित्व वाली बीजेपी से मुकाबला नहीं कर सकते, ऐसे में उन्हें साथ आना ही पड़ेगा। वो ये भी समझ चुके हैं अगर अभी ध्यान नहीं दिया गया तो 2019 का चुनाव हाथ से निकल सकता है फिर 2024 तक इंतजार करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि इस बार के यूपी के चुनावों में बीजेपी ने तीन-चौथाई सीटों पर जीत हासिल की है।
कांग्रेस महासचिव सी पी जोशी ने कहा कि '2019 के चुनावी चैलेंज के लिए हम वो सब करेंगे जिसकी जरूरत होगी। लेकिन हर राज्य की अपनी अलग चुनौतियां हैं। हम 2019 के चुनावों में मोदी के लिए बड़ी चुनौती साबित होंगे'।
महागठबंधन की बात बीजेपी से भी छिपी नहीं है। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार अगले चुनावों में पार्टी का ध्यान अपने मौजूदा वोट प्रतिशत को 40 प्रतिशत बढ़ाना होगा।