कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस सीएस कर्णन अपने अपमान से बेहद नाराज हुए हैं। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश समेत संवेधानिक पीठ से 'मानसिक प्रताड़ना और सार्वजिनक अपमान' के चलते 14 करोड़ का हर्जाना मांगा है। उन्होंने सीबीआई से मांग की है कि वे उन 20 सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों के खिलाफ जांच करें, जिनके खिलाफ कथित तौर भ्रष्टाचार में लिप्त होने की शिकायत की गई है।
इतना ही नहीं इसकी जानकारी संसद को भी दें। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के केस में पेश न होने के बाद उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया था। ऐसा पहली बार हुआ जब एक जज के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएस कर्नन ने कहा है कि मेरी जिंदगी, कैरियर को बर्बाद करने के लिए आदेश जानबूझकर जारी किए गए। बता दें कि उच्चत न्यायालय ने कर्णन को आदेशानुसार कोर्ट के सामने पेश न होने का दोषी माना। मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहड़ की अध्यक्षता वाली सात जजों की पीठ ने जस्टिस कर्णन को 10 हजार रुपए का बॉन्ड भरने और 31 मार्च को पेश होने का आदेश दिया है।