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Bengal: 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया दुष्कर्म-हत्या का आरोपी, अस्पताल में मिला था महिला डॉक्टर का शव

Sat, 10 Aug 2024 05:41 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

Bengal: कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल की महिला प्रशिक्षु डॉक्टर के कथित यौन उत्पीड़न और हत्या के आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कोलकाता की एक अदालत ने महिला स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार आरोपी को शनिवार को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। आरोपी को गिरफ्तारी के बाद शनिवर को सियालदह अदालत में पेश किया गया। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)  की धारा 64 (दुष्कर्म) और 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज है। 

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इससे पहले, कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि एक महिला स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर के कथित यौन उत्पीड़न और हत्या के आरोपी को अदालत में आरोप साबित होने पर अधिक से अधिक सजा मिले।"

सरकारी अस्पताल के सेमिनार हॉल के अंदर मिला शव
महिला डॉक्टर का शव शुक्रवार को उत्तरी कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल के सेमिनार हॉल के अंदर पाया गया। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी हत्या से पहले यौन शोषण की पुष्टि हुई। गोयल ने कहा, यह एक जघन्य अपराध है। आरोपी को कथित परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया, जिसमें रात की ड्यूटी के दौरान मौजूद अन्य डॉक्टरों के विवरण भी शामिल हैं। 
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उन्होंने कहा, "एक एसआईटी का गठन किया गया है और सबूतों के आधार पर व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उसे उच्चतम स्तर का दंड मिले। हम सबूत इकट्ठा कर रहे हैं और अधिक लोगों की जांच कर रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा।" 

जांच पारदर्शी तरीके से की जाएगी: कोलकाता पुलिस
उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गोयल ने कहा कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी की गई और इस प्रक्रिया के दौरान महिला के परिवार के सदस्य मौजूद थे। उन्होंने कहा, "जहां तक आरोपी का सवाल है, इसमें पूरी मिलीभगत है। वह अव्वल दर्जे का अपराधी है।" शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच पारदर्शी तरीके से की जाएगी। अगर परिवार मांग करता है, तो जांच किसी अन्य एजेंसी द्वारा भी की जा सकती है। 

एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पहले कहा था कि गिरफ्तार व्यक्ति बाहरी है और उसकी अस्पताल के विभिन्न विभागों तक पहुंच थी। उन्होंने कहा कि उसकी गतिविधियां काफी संदिग्ध थीं और वह अपराध में सीधे तौर पर शामिल प्रतीत होता है। 

आईएमए ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम
मामले को लेकर भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने कहा, "हम मांग करते हैं कि अधिकारी 48 घंटे के भीतर सही  कार्रवाई करें। ऐसा न करने पर आईएमए राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। समय पर एक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील आपराधिक जांच जरूरी है। दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया जाता है, अन्यथा आईएमए देशव्यापी प्रदर्शन करेगा।" 

भाजपा ने की सीबीआई जांच की मांग
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के यौन उत्पीड़न और हत्या की घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, पीड़िता पर चोट के निशान इस जघन्य अपराध में एक से अधिक लोगों की संलिप्तता के संकेत देते हैं। मजूमदार ने कहा, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी एक ढकोसला हो सकता है। केवल सीबीआई जांच ही पूरी सच्चाई को सामने ला सकती है और महिला को न्याय दिला सकती है। वहीं मजूमदार और पार्टी की प्रदेश महासचिव अग्निमित्रा पॉल को बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पीड़िता के घर की ओर जाते समय रोक दिया। इसके बाद पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक हुई। 

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