एनसीपी नेता जीशान सिद्दीकी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस उनके पिता बाबा सिद्दीकी की हत्या की जांच को लेकर लापरवाह रवैया अपना रही है। संवाददाताओं से बातचीत में जीशान सिद्दीकी ने कहा कि अगर जांच गंभीरता से की जाती, तो एक साल में पुख्ता प्रगति होनी चाहिए थी। उन्होंने डीसीपी क्राइम ब्रांच राज तिलक रोशन से मुलाकात कर जांच में तेजी लाने की मांग की।
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11 महीने पहले बाबा सिद्दीकी की हत्या
बाबा सिद्दीकी, जो महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री थे, की 12 अक्तूबर 2024 को बांद्रा में जीशान सिद्दीकी के ऑफिस के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस अब तक इस मामले में कम से कम 25 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने जीशान अख्तर और शुभम लोंकर को यह सुपारी दी थी। कुछ महीने पहले अख्तर को कनाडा में पकड़ा गया था।
पुलिस की बैठकों में लापरवाही जारी- जीशान
जीशान सिद्दीकी ने कहा कि पुलिस की बैठकों में लापरवाही, प्रक्रिया में देरी और ठोस कदम न उठाने का रवैया साफ नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि वे नियमित रूप से एनसीपी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार से बात कर रहे हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए उनका पूरा समर्थन मिला है।
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अनमोल बिश्नोई के प्रत्यर्पण के लिए क्या कदम उठाए गए?
जीशान सिद्दीकी ने आगे कहा, 'हमने आरटीआई अपील दायर की थी। हमने मुंबई पुलिस से पूछा था कि उन्होंने अनमोल बिश्नोई के प्रत्यर्पण के लिए क्या कदम उठाए हैं। सबसे पहले, मैं सवाल करता हूं कि वे इस बैठक को लेकर कितने गंभीर थे। हमें दोपहर 12 बजे बैठक के लिए बुलाया गया था, लेकिन यह लगभग 1.30 बजे शुरू हुई। बैठक में खूब हंसी-मजाक और व्यंग्य हो रहा था। उन्होंने मुझसे कहा कि अगर वे मुझे अनमोल बिश्नोई के बारे में बताएंगे, तो अनमोल बिश्नोई सतर्क हो जाएंगे... एक तरह से, वे अनमोल बिश्नोई को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।'
परिवार की पीड़ा और न्याय की उम्मीद
जीशान सिद्दीकी ने कहा कि उनका परिवार अब भी न्याय की उम्मीद लगाए हुए है। उन्होंने कहा, 'मेरे पिता की हत्या सिर्फ हमारे परिवार पर हमला नहीं थी, बल्कि यह मुंबई की राजनीति और समाज पर भी गहरा घाव है। दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए मैं आखिरी दम तक लड़ाई लडूंगा।'