गुजरात के आणंद जिले में स्थित खंभात में राम नवमी के मौके पर हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने दावा किया है कि यह साजिश एक समुदाय पर प्रभुत्व पाने और हिंदुओं को 'सबक' सिखाने के लिए रची गई थी।
राम नवमी के अवसर पर गुजरात के खंभात में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर पुलिस ने बुधवार को बड़ा दावा किया। पुलिस का कहना है कि इस हिंसा की साजिश एक स्लीपर मॉड्यूल ने इलाके में एक समुदाय पर प्रभुत्व पाने के लिए रची थी। 10 अप्रैल को एक राम नवमी जुलूस पर हुए हमले के बाद भड़की इंसा में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी और एक अन्य घायल हो गया था।
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आणंद जिले की पुलिस ने एक बयान में कहा कि मामले में गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन डाटा की पड़ताल में पता चला है कि वह इलाके के मुस्लिम समुदाय पर प्रभुत्व हासिल करने के लिए एक पूर्व नियोजित साजिश में संलिप्त थे। बयान के अनुसार एक मौलवी समेत छह आरोपियों ने स्लीपर मॉड्यूल के हिस्से के तौर पर यह साजिश रची थी।
पुलिस ने दावा किया कि हिंदू समुदाय को यह सबक सिखाने के लिए वह भविष्य में इस तरह के जुलूस न निकालें, आरोपियों ने जुलूस पर हमला करने और नफरत फैलाने की योजना बनाई थी। इस हमले की साजिश रचने वाले कोर ग्रुप से सदस्यों ने जुलूस से कुछ दिन पहले बैठकें की थीं और पांच अन्य लोगों को विश्वास में लिया था। साथ ही छिपने और भागने की व्यवस्था की थी।
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पुलिस का कहना है कि इसके साथ ही गिरफ्तारी की स्थिति में आरोपी के परिवार के सदस्यों को आर्थिक और कानूनी सहयोग उपलब्ध कराने का जिम्मा खुद लिया था।