तमिलनाडु के एक दिवसीय दौरे के दौरान जेपी नड्डा की बुलेटप्रूफ कार को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाया गया। इस दौरान उसके पिछले पहिये से अजीब आवाज आने पर मंत्री को वाहन बदलना पड़ा। इस पर तमिलनाडु पुलिस ने स्पष्ट किया कि उनके पूरी सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। मंत्री के निजी सहायक के कहने पर वाहन को तेज चलाया गया।
तमिलनाडु पुलिस ने सोमवार को कहा कि दो मई को राज्य के एक दिवसीय दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। पुलिस का यह स्पष्टीकरण उन खबरों के जवाब में आया है, जिनमें कहा गया था कि मंत्री को वेल्लोर से चेन्नई लौटते समय वाहन बदलना पड़ा।
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पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष नड्डा को जेड प्लस सुरक्षा मिली हुई है। इसके तहत उनके काफिले को बुलेटप्रूफ कार समेत अन्य वाहन मुहैया कराने के साथ ही पूरी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई गई थी। चेन्नई जाते समय वे आउटर रिंड रोड पर बुलेटप्रूफ कार में यात्रा कर रहे थे। ऐसे वाहनों को उनके वजन और तकनीकी कारणों से अन्य वाहनों की गति के बराबर नहीं चलाया जाता।
निजी सहायक के कहने पर 120KMPH की गति से चलाया गया वाहन
विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्री के निजी सहायक के कहने पर वाहनों को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाया गया। जब बुलेटप्रूफ गाड़ी को अन्य वाहनों के बराबर चलाने की कोशिश की गई, तो उसके पिछले पहिये से अजीब आवाज आई। मंत्री की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वाहन को तुरंत रोका गया और प्रोटोकॉल के मुताबिक, मंत्री को दूसरी गाड़ी में बैठाया गया और उचित सुरक्षा के साथ चेन्नई हवाई अड्डे तक ले जाया गया।
काफिले में आगे चल रहे वाहन टकराने से पहुंचा थोड़ा नुकसान
विज्ञप्ति में नड्डा और अन्य का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा गया है कि जिस वाहन में वे यात्रा कर रहे थे, उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा और न ही उसमें यात्रा करने वालों की सुरक्षा में कोई कमी थी। इस प्रक्रिया में, काफिले में आगे चल रहा एक वाहन अपने से पहले वाले वाहन से टकरा गया, जिससे दोनों वाहनों को थोड़ा नुकसान हुआ।
पुलिस ने वाहन चलाने को लेकर ये दी सलाह
पुलिस ने सलाह दी कि जो लोग वीआईपी लोगों के साथ होते हैं, उन्हें वाहनों को जरूरत से ज्यादा तेज चलाने को नहीं कहना चाहिए। साथ ही पुलिस कर्मियों को भी निर्देश दिया गया कि वे वाहनों को उनकी गति क्षमता से अधिक न चलाएं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य पुलिस विभाग में बुलेटप्रूफ वाहनों का रख-रखाव अच्छी तरह किया जाता है और पड़ोसी राज्यों के पुलिस बलों द्वारा भी इनका उपयोग किया जाता है।