कर्नाटक पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पीटीआई
कर्नाटक के मंगलूरू में शनिवार को एक चलते ऑटोरिक्शा में अचानक हुए विस्फोट मामले में जांच तेज हो गई है। मामले की जांच में एनआईए और आईबी भी कर्नाटक पुलिस का सहयोग कर रही हैं। जांच के क्रम में पुलिस ने आज मैसूर के उस घर में रेड डाली जिसमें आरोपी किराए पर रहता था। रेड के साथ ही एहतियात बरतते हुए इलाके में बम निरोधक दस्ते को भी तैनात किया गया था। वहीं, जांच के क्रम में पुलिस ने जानकारी दी है कि आरोपी ने एक महीने पहले ही मैसूर में एक कमरे वाला फ्लैट किराए पर लिया था। इतना ही नहीं, उसने मकान मालिक को बताया था कि वो यहां मोबाइल रिपेयरिंग का कोर्स करने आया है।
कोयम्बटूर कार विस्फोट मामले के आरोपियों से संबंध होने का संदेह
गौरतलब है कि पुलिस को संदेह है कि आरोपी व्यक्ति के संबंध उन लोगों से थे जिन्होंने अक्टूबर में दीपावली से पहले कोयम्बटूर में एक कार विस्फोट किया था। 23 अक्टूबर को कोयम्बटूर में एक मंदिर के बाहर चलती कार में सिलेंडर फटने से एक युवक की झुलसकर मौत हो गई थी। मामले की जांच एनआईए कर रही है।
मौके से रेलवे कर्मचारी का आधार कार्ड बरामद
वहीं, दूसरी ओर जांच के क्रम में विस्फोट वाली जगह पर जो आधार कार्ड मिला है, वह भारतीय रेलवे के तुमकुरु डिवीजन में कार्यरत रेलवे कर्मचारी प्रेमराज हुतगी का है। जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने दावा किया कि बीते दो सालों में दो बार उसका आधार कार्ड खो गया था। वहीं, दूसरी ओर कर्नाटक पुलिस ने तटीय मंगलुरू शहर में उस व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटा ली है, जिसकी पहचान इस विस्फोट को करने के लिए प्रयोग की गई थी। रेलवे कर्मचारी प्रेमराज हुतगी ने विस्फोट से कोई भी संबंध ना होने का दावा करते हुए कहा कि मुझे इसके बारे में जानकारी भी नहीं थी। मुझे तो तब पता चला जब पुलिस ने मुझे जानकारी दी। हुतगी ने बताया कि पुलिस ने जानकारी दी कि उन्हें मेरा आधार कार्ड मिल गया है। पूछताछ में हुतगी ने एक और दावा किया। उन्होंने कहा कि ये सच है कि मेरा आधार कार्ड खो गया था, लेकिन ये मंगलुरू में नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि आधार खोने के बाद यूनिक आईडी के जरिए दोबारा नया कार्ड प्रिंट करवा लिया था।
फर्जी आधार के जरिए हासिल किया था सिम
इस बीच, पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक मोबाइल सिम कार्ड हासिल किया था। जो विस्फोट स्थल से मिला था। उन्होंने कहा कि वह सिम कार्ड हर जगह इस्तेमाल करता था। सूत्रों ने यह भी कहा कि मामले की जांच के लिए पांच टीमों को कोयंबटूर सहित विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है। पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि संदेह है कि वह शिवमोग्गा का रहने वाला है. दरअसल, हाल ही में शिवमोग्गा से कुछ आतंकी संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें कुछ युवा भी शामिल थे। ये सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के संपर्क में थे।