महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवाड़ शहर में मंत्री चंद्रकांत पाटिल पर स्याही हमले की जांच कर रही पुलिस इस मामले में एक टेलीविजन पत्रकार को फिर से तलब करेगी, एक शीर्ष अधिकारी ने सोमवार को कहा। पुलिस ने इस घटना में कथित भूमिका के लिए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और एक टेलीविजन पत्रकार को तलब किया था। रविवार देर रात उन्हें छोड़ दिया गया था। पिंपरी चिंचवाड़ के पुलिस आयुक्त अंकुश शिंदे ने सोमवार को समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि आगे की जांच के लिए पत्रकार को सोमवार को तलब किया जाएगा।
अंबेडकर और ज्योतिबा फुले पर दिया था बयान
बता दें कि शनिवार को पाटिल पर स्याही फेंकी गई थी, जो उनके इस बयान के विरोध में था कि बी आर अंबेडकर और समाज सुधारक ज्योतिबा फुले ने शैक्षणिक संस्थान चलाने के लिए सरकारी अनुदान नहीं मांगा था। पाटिल, जो राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री हैं, ने भीख शब्द के इस्तेमाल से विवाद खड़ा कर दिया, जिससे स्याही का हमला हुआ। घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा में चूक के आरोप में तीन अधिकारियों समेत 10 कर्मियों को निलंबित कर दिया।
पाटिल ने स्याही फेंकने को बताया सुनियोजित हमला
पाटिल ने रविवार को कहा कि स्याही उन पर सुनियोजित हमले के तहत फेंकी गई और दावा किया कि अंबेडकर और फुले पर उनके बयान को कुछ लोगों ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया। इस बीच, पुणे पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिसने रविवार देर रात पुणे के कोथरुड इलाके में पाटिल के आवास के बाहर खड़े होकर उनके बयान की निंदा करते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया था।