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Maharashtra: ED की शिकायत पर सहकारी बैंक के पूर्व प्रमुख व पांच अन्य गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

Sun, 29 Jan 2023 11:15 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

मामला पुणे स्थित सेवा विकास सहकारी बैंक के अध्यक्ष अमर मूलचंदानी और इसके पूर्व अधिकारियों के खिलाफ करीब 494 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं से जुड़ी ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से संबंधित है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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महाराष्ट्र पुलिस ने  ईडी की शिकायत के बाद राज्य के एक सहकारी बैंक के पूर्व प्रमुख और उनके परिवार के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। वे कथित तौर पर बैंक के छापों में बाधा डाल रहे थे और सबूत नष्ट कर रहे थे। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। 

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मामला पुणे स्थित सेवा विकास सहकारी बैंक के अध्यक्ष अमर मूलचंदानी और इसके पूर्व अधिकारियों के खिलाफ करीब 494 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं से जुड़ी ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से संबंधित है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने 27 जनवरी की सुबह पिंपरी-चिंचवाड़ इलाके (पुणे के पास) में मूलचंदानी के परिसरों पर छापा मारा, लेकिन उसकी टीम उनके घर में नहीं जा सकी क्योंकि 'किसी ने घर नहीं खोला। ईडी ने बाद में एक ताला तोड़ने वाले को बुलाया, जिसने ताला तोड़ा, जिसके बाद ईडी के अधिकारियों ने कम से कम पांच लोगों को अंदर पाया।
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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मकान में रहने वालों ने ईडी अधिकारियों को सूचित किया कि मूलचंदानी वहां नहीं हैं। धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत उनके बयान दर्ज किए गए। ईडी के अधिकारियों ने करीब छह घंटे की तलाशी के बाद परिसर के अंदर एक सर्वेंट रूम पाया, जो बंद था और जब इसकी चाबी मांगी गई तो उसमें रहने वालों ने उन्हें चाबी  मुहैया कराने में असमर्थता जताई।

सूत्रों के अनुसार, ताला तोड़ने वाले को फिर से बुलाया गया और दरवाजे का ताला तोड़े जाने के बाद, एजेंसी ने मूलचंदानी को इस कमरे के अंदर "छिपा पाया। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने तलाशी के दौरान सहयोग न करने और सबूतों को छिपाने/नष्ट करने का आरोप लगाते हुए सभी छह लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने दो महिलाओं सहित सभी को गिरफ्तार कर लिया।

एजेंसी को संदेह है कि बैंक के पूर्व चेयरमैन ने कथित तौर पर उनके पास से बरामद दो मोबाइल फोन से चैट और क्लाउड डेटा को 'मिटा' दिया। सूत्रों ने बताया कि परिसर से करीब 2.73 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण और हीरे तथा 40 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। आरबीआई ने अक्टूबर, 2022 में बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया था। रिजर्व बैंक ने कहा था कि इस बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं।

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