शौकत अली ने कहा हम शांति और अमन पसंद लोग हैं और विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के साथ मिल-जुल कर रहना पसंद करते हैं। अगर पाकिस्तान इसी तरह लगातार हमारे यहां आतंकवाद और कट्टरवाद फैलाता रहा तो हमारा राज्य धर्म के आधार पर हजारों टुकड़ों मे विभाजित हो जाएगा।
पाकिस्तान धर्म का दुरुपयोग कर फैला रहा आतंकवाद
शौकत अली ने जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान धर्म का दुरुपयोग कर आतंकवाद और कट्टरता को बढ़ावा दे रहा है जो किसी के भी हित में नहीं है। इसका प्रभाव पाकिस्तान की सिविल सोसाइटी में दिखाई भी पड़ता है जहां आमलोगों की आवाज आतंकवादियों और कट्टरपंथी धर्मगुरुओं द्वारा दबा दी गई है। अगर कोई शांतिप्रिय संस्था इसके खिलाफ आवाज उठाती भी है, तो उसे आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ता है।
मानवाधिकार आयोग से अपील करते हुए शौकत अली कश्मीरी ने कहा कि हम लोग बहुत बुरे दौर से गुजर रहे हैं। हम मानवाधिकार आयोग से आग्रह करते हैं कि वह इसमें हस्तक्षेप करे और इसकी जांच करे जिससे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवाद के ठिकानों का खात्मा हो।
कश्मीर के दूसरे मानवाधिकार कार्यकर्ता मिसार हसन ने कहा अब समय है कि इस समस्या पर पुर्नविचार किया जाए और सभी आतंकवादी संगठनों को, चाहे वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर मे हों या पाकिस्तान में, खत्म किए जाएं।
पकिस्तान सरकार को अब जिम्मेदार होने की जरूरत है जिससे आतंक को बढ़ावा दे रहे लोगों से छुटकारा पाया जा सके। ऐसे लोग न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए भी खतरा हैं।