1.5 लाख रुपये से कम के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए सब्सिडी 20,000 रुपये प्रति वाहन होगी। वहीं 5 लाख रुपये तक की लागत वाले इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के मामले में सब्सिडी राशि 50,000 रुपये तक होगी, और 15 लाख रुपये तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी।
हालांकि इलेक्ट्रिक 4-व्हीलर्स के मामले में सब्सिडी केवल भारतीय में बनाए गए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ही उपलब्ध होगी। अगर हम भारत में इलेक्ट्रिक 4-व्हीलर निर्माता कंपनियों पर चर्चा करें तो इस रेस में फिलहाल टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी और महिंद्रा ही हैं।
वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल बिक्री मात्र 1 प्रतिशत है, सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। जिसमें 2030 तक कुल बिक्री का 40% लक्ष्य रखा गया है। इलेक्ट्रिक वाहन न केवल प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगे, बल्कि एक नई अर्थव्यवस्था को बढ़ावा भी देंगे।
भारत में प्रमुख कार और बाइक निर्माताओं ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को लॉन्च करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। Mahindra के पास पहले से ही e2O और eVerito है, तो Maruti वैगनआर के इलेक्ट्रिक वर्जन को लॉन्च करेगी, तो Tata के पास पहले से ही Tiago, Tigor, Altroz Electric है।