पंजाब नेशनल बैंक से धोखाधड़ी करने वाले नीरव मोदी और अन्य को लेकर पहले कांग्रेस आक्रामक हुई और फिर भाजपा। दोनों के एक दूसरे पर वार-पलटवार जारी रहे, लेकिन इससे काफी पहले इस प्रकरण ने केन्द्र सरकार के हाथ-पांव फुला दिए। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को यह दूसरा विजय माल्या केस नजर आ रहा है। वहीं सीबीआई के सूत्रों को इस घोटाले के 11,400 करोड़ रुपये से अधिक का होने की उम्मीद है। फिलहाल अभी केन्द्र सरकार इस मामले के सामने आने के बाद उठने वाले तूफान को शांत करने का उपाय तलाशने में व्यस्त है।
पहले ही निकल लिए नीरव मोदी
नीरव मोदी, उनके भाई निशाल मोदी, निशाल मोदी की पत्नी एमी और बिजनेस पार्टनर मेहुल चीनूभाई चौकसी घोटाले की जानकारी लोगों तक पहुंचने के पहले देश छोड़कर फरार हो गए। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि पंजाब नेशनल बैंक के अंदर उनसे जुड़े प्रकरण को लेकर हलचल तेज थी। इसका उन्हें अंदाजा लग चुका था और समय रहते इन लोगों ने देश को छोड़ दिया। मिली जानकारी के अनुसार जनवरी 2018 के पहले से दूसरे सप्ताह के दौरान सभी ने भारत छोड़ दिया। नीरव मोदी स्विट्जरलैंड चले गए और अनुमान है कि वह इस समय वहीं हैं। वह स्विट्जरलैंड से ही कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज के आमंत्रण पर 23 जनवरी को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की दावोस में चल रही बैठक में पहुंचे थे। भारतीय निवेशकों (सीईओ) फोरम के सम्मेलन में हिस्सा लिए थे और समूह के लोगों में शामिल होकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ फोटो भी खिंचवाई थी। यह फोटो पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने भी जारी की थी।
पांच दिन बाद सीबीआई के पास पहुंची शिकायत
23 जनवरी को प्रधानमंत्री के साथ तस्वीर आने के पांच दिन बाद 29 जनवरी 2018 को पंजाब नेशनल बैंक के डीजीएम ने केन्द्रीय जांच एजेंसी, सीबीआई के संयुक्त निदेशक को धोखाधड़ी मामले की आशंका जताते हुए जांच के लिए पत्र लिखा। नीरव मोदी ने बैंक से छह महीने में पैसे चुका देने के लिए समय मांगा है। बताते हैं लेकिन मामला बैंक के बड़े अधिकारियों के सामने आने के बाद नीरव के प्रस्ताव आने तक बहुत देर हो चुकी थी। दिलचस्प है कि सीबीआई को यह पत्र 29 जनवरी को लिखा गया। 31 जनवरी को सीबीआई ने प्राथमिकी भी दर्ज कर ली, लेकिन इस घोटाले की परत खुलने और मामले के सार्वजनिक होने में दो सप्ताह से अधिक का समय लग गया। प्रवर्तन निदेशालय ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया है और नीरव मोदी, गीतांजलि ज्वेलर्स के प्रमोटर मेहुल चौकसी समेत अन्य के ठिकानों पर छापेमारी की कार्यवाही जारी है।
पीएनबी घोटाला की जांच जटिल है?
Nirav Modi
जटिल है जांच
नीरव मोदी से जुड़े घोटाले की जांच बहुत आसान नहीं है। किसी नतीजे तक पहुंचने में लंबा समय लग सकता है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि नीरव मोदी बैंक अधिकारियों के संपर्क में हैं। उन्होंने पत्र लिखकर पैसा चुकाने की भी बात कही है। ऐसी खबरें भी हैं कि नीरव मोदी और अन्य आरोपियों ने कानूनी सलाह लेना शुरू कर दिया है। बताते हैं नीरव मोदी के भाई निशाल बेल्जियम के नागरिक हैं। निशाल की पत्नी एमी अमेरिका की नागरिक हैं। गीतांजलि ज्वेलर्स के भारतीय प्रमोटर मेहुल चौकसी भी उनके रिश्तेदार हैं और वह भी भारत में हैं। हालांकि जांच एजेंसियों ने धोखाधड़ी के आरोपी चारों लोगों के खिलाफ लुक आऊट नोटिस जारी कर दिया है। यह रेड कार्नर नोटिस की दिशा में उठाया गया कदम है, लेकिन पूरे मामले की जांच कम पेंचीदा नहीं है।
आए और छा गए नीरव मोदी
नीरव मोदी ने भारत में 2010 में अपने कारोबार की जड़े जमानी शुरू की थी। 2013 से वह प्रभावशाली भारतीय उद्योगपतियों की सूची में हैं। 2017 में वह फोर्ब्स द्वारा जारी सूची में 84वें सबसे अमीर भारतीय के नाम से दर्ज हैं। उनकी दो हीरे की मशहूर कंपनियां है। पहली फायरस्टार डायमंड कंपनी और दूसरी नीरव मोदी डायमंड कंपनी। नीरव मोदी डायमंड कंपनी ने 2010 में भारत में अपने पांव पसारने शुरू किए। बहुत कम समय में दिल्ली, मुंबई, लंदन, हांगकांग, न्यूयॉर्क, मास्को तक आऊटलेट खुल गए। हीरे की डिजाइन और खास अंदाज ने उन्हें डायमंड किंग बना दिया। भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा उनके हीरे के विज्ञापन में नजर आने लगी और दुनिया की कई जानी मानी हस्तियां उनके तराशे हीरे की मुरीद हो गई।
सरकार के फूले हाथ-पांव
धोखाधड़ी से जुड़ा मामला सामने आने के बाद गुरुवार को केन्द्रीय वित्त मंत्रालय का पारा चढ़ा हुआ था। यहां तक बैंकिग सचिव राजीव कुमार भी दिनभर व्यस्त रहे। पंजाब नेशनल बैंक के प्रेस वार्ता करने से पहले तक सरकार पूरी सावधानी बरत रही थी। सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री कार्यालय भी लगातार मामले पर नजर रख रहा है। सूत्र बताते हैं कि केन्द्र सरकार इस मामले के जल्द से जल्द निबटारे तथा नीरव मोदी और अन्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति पर चल रही है। सरकार की परेशानी प्रधानमंत्री मोदी के साथ दावोस में आई नीरव मोदी और अन्य उद्योगपतियों के साथ फोटो भी रही।