लगभग 13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में अपने भांजे नीरव मोदी के साथ फंसे मेहुल चोकसी ने फिर से सीनाजोरी दिखाई है। मशहूर ज्वैलरी फर्म गीतांजलि ग्रुप के प्रमोटरों में से एक मेहुल पीएनबी घोटाले में दर्ज की गई एफआईआर में नामजद अभियुक्तों में से एक हैं।
उन्होंने सीबीआई की तरफ से पूछताछ के लिए भेजे गए पत्र के जवाब में उपस्थित होने से इंकार कर दिया है। चोकसी का कहना है कि अपुष्ट आरोपों के चलते उन्हें अपना व्यापार अचानक बंद करना पड़ा है। इससे उनके परिवार को भी पुराने साथियों से खतरा पैदा हो गया है।
चोकसी ने सीबीआई को 16 मार्च की तारीख वाले ताजा पत्र में अपनी खराब सेहत, निलंबित पासपोर्ट और मीडिया में चल रही खबरों का हवाला देते हुए जांच में शामिल होने से इंकार किया है। चोकसी ने केस की जांच कर रहे अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि अभी तक क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से मेरा संपर्क नहीं हुआ है और मेरा पासपोर्ट अब भी निलंबित चल रहा है। मैं कोई बहाना नहीं बना रहा हूं, लेकिन मेरे भारत लौटने के लिए बचा क्या है?
सीबीआई ने चोकसी के साथ 13 मार्च को ई-मेल के जरिए दोबारा संपर्क कर 16 मार्च को जांच में शामिल होने के लिए कहा था। सीबीआई ने उन्हें उस पहली एफआईआर के बारे में बुलाया था, जिसमें चोकसी का नाम उनके भांजे नीरव मोदी, निश्चल मोदी व अमी मोदी के साथ शामिल किया गया था। इसके अलावा भी सीबीआई ने उनके व उनकी कंपनी गीतांजलि ग्रुप के खिलाफ एक अलग एफआईआर दर्ज की हुई है।
चोकसी ने कहा- मेरा और परिवार की जान को खतरा
इसके जवाब में चोकसी ने लिखा है, मैं दोहराना चाहता हूं कि मैं विदेश में हूं और पहले भी आपके नोटिस का जवाब दे चुका है। आश्चर्यजनक रूप से मैंने जो मुद्दा उठाया था, उस पर अब भी बात नहीं हुई है। इससे मेरा सुरक्षा के प्रति डर बढ़ गया है।
पीएनबी अधिकारियों के सीबीआई से संपर्क करने से पहले ही भारत छोड़कर फरार हो गए चोकसी ने लिखा है कि मुझे व मेरे परिवार को खतरा बरकरार है। मैं उन लोगों की तरफ से धमकाया जा रहा हूं, जिनसे मेरे व्यापारिक संबंध थे। मेरा बिजनेस अचानक बंद हो जाने से मेरे कर्मचारी, ग्राहक और मुझे कर्ज देने वालों का व्यवहार आक्रामक हो गया है।
चोकसी ने खराब स्वास्थ्य के चलते अगले 4 से 6 माह तक चिकित्सकों की तरफ से यात्रा की इजाजत नहीं होने और भारत में व्यापार अचानक बंद होने से उपजी स्थिति को विदेश में अपने व्यापार के जरिए संभालने की कोशिश का हवाला देकर जांच के लिए आने से इंकार किया है।
चोकसी ने ये भी दावा किया है कि एफआईआर में आरोपी बनाई गईं कंपनियों डायमंड आर. यूएस, स्टीलर डायमंड, सोलर एक्सपोर्ट्स आदि से उनकी कभी कोई साझेदारी नहीं रही है।
क्या है पूरा मामला और क्या हुआ है अब तक
मेहुल चोकसी और नीरव मोदी
क्या है पूरा मामला
13 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम गबन करने का है नीरव मोदी व मेहुल चोकसी पर आरोप
पीएनबी के फर्जी एलओयू व लैटर ऑफ क्रेडिट के जरिए अन्य बैंकों से ली गई है ये रकम
6 हजार करोड़ रुपये के गबन का आरोप मास्टर माइंड बताए जा रहे नीरव मोदी की कंपनी पर है
7 हजार करोड़ रुपये का गबन मेहुल चोकसी की कंपनी के जरिए किया जाने का है आरोप
क्या हुआ है अब तक
सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) व आयकर विभाग इससे जुड़े मामलों की जांच कर रहे हैं
चोकसी व मोदी अपने परिवारों समेत जांच पूरी होने से पहले ही हो गए थे फरार
आधा दर्जन बैंक कर्मचारी व अधिकारियों समेत मोदी-चोकसी की कंपनी के अधिकारी किए गए हैं गिरफ्तार
5716 करोड़ रुपये की संपति फरवरी के मध्य में जब्त करने के बाद से ये सिलसिला लगातार जारी है