पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) महाघोटाले में आरोपियों पर सीबीआई का शिकंजा कसता जा रहा है। इस घोटाले में गिरफ्तार किए गए पीएनबी के पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी, बैंक कर्मचारी मनोज खरात और महाघोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी ग्रुप के हेमंत भट्ट को विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया जहां इन तीनों को तीन मार्च तक सीबीआई कस्टडी में भेज दिया गया।
हीं, इस महाघोटाले में
नीरव मोदी की पत्नी एमी मोदी की भी भूमिका बताई जा रही है। चर्चा है कि इस महाघोटाले में हनी ट्रैप का भी इस्तेमाल किया गया है।
सीबीआई सूत्रों का कहना है कि इतने बड़े बैंक घोटाले में नीरव मोदी की पत्नी एमी मोदी ने पीएनबी के अधिकारियों से अवैध काम कराने के लिए हनी ट्रैप का इस्तेमाल किया। अधिकारियों को कथित तौर पर हुस्न के जाल में फंसाया। लड़कियां सप्लाई के लिए तीन मॉडल की सेवा लिए जाने की बात सामने आई है। पूर्व सेवानिवृत्त अधिकारी गोकुलनाथ शेट्टी पीएनबी की ब्रीचकैंडी शाखा के उपप्रबंधक थे।
सीबीआई ने सबसे पहले शेट्टी को धर दबोचा। उससे पहले शुक्रवार शाम को ही
सीबीआई शेट्टी के पश्चिमी उपनगर में मलाड स्थित उसके घर की छानबीन भी की थी।
भाजपा का दावा है कि यह घोटाला साल 2011 से शुरू हुआ लेकिन सीबीआई ने एफआईआर में घोटाले का कार्यकाल साल 2017-2018 यानि एनडीए के कार्यकाल में होने का जिक्र किया है। इस एफआईआर से बीजेपी का दावा फेल होता दिखाई दे रहा है।
शेयर बाजार में आईपीओ लाने वाले थे नीरव और मेहुल चौकसी
नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चौकसी आईपीओ लाने की फिराक में थे लेकिन, इससे पहले उनके घोटाले का भंडाफोड़ हो गया।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नीरव मोदी ने पिछले साल आईपीओ के लिए बैंकर्स की नियुक्ति की थी और गीतांजलि जेम्स के नक्षत्र वर्ल्ड को आईपीयू के लिए पिछले साल नवंबर में बाजार नियामक आयोग सेबी से हरी झंडी भी मिल गई थी। अगर आईपीओ लाने के बाद यह घोटाला उजागर होता तो निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता।