पीएनबी के 14000 करोड़ रुपये के घोटाले के अहम आरोपी मेहुल चोकसी ने भारत लौटने से बचने के लिए नया दांव चला है। गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर ने सोमवार को विशेष कोर्ट से अपने खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को रद्द करने की अपील की। उसने दावा किया कि अगर वह भारत लौटा तो भीड़ उसकी भी हत्या कर देगी।
विशेष प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्डिंग एक्ट (पीएमएलए) कोर्ट ने इस साल मार्च और जुलाई में चोकसी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। उसने यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उसके खिलाफ दाखिल की गई चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए की थी।
पीएमएलए कोर्ट में दिए गए अपनी याचिका में चोकसी ने दावा किया कि उसकी जान को न केवल पूर्व कर्मचारियों और कर्जदाताओं से खतरा है बल्कि उसे लौटने पर जहां रखा जाएगा, वहां के जेल स्टॉफ और कैदियों से भी खतरा है। याचिका में लिखा है कि याचिकाकर्ता के लिए कंपनी का संचालन करना असंभव हो गया है। कर्मचारियों को उनका वेतन और कर्जदाताओं को उनका पैसा वापस नहीं मिला है। ऐसे में ये सभी लोग उसके खिलाफ आक्रोशित हैं और उसे जान का खतरा है।
चोकसी ने अपनी याचिका में दावा किया कि भारत में हाल के दिनों में भीड़ हिंसा की कई घटनाएं घटी हैं। देश में भीड़ हिंसा और जनता के सड़क पर ही उतर कर न्याय करने का चलन बढ़ा है। याचिकाकर्ता को भी ऐसे ही खतरे का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि बहुत से लोग उससे नाराज हैं।
इसमें यह भी कहा गया है कि चोकसी कभी जांच से भागे नहीं और जांच एजेंसियों से मिले हर नोटिस, ईमेल का जवाब दिया है। वह अपने खराब स्वास्थ्य, पासपोर्ट रद्द होने और जान के खतरे के चलते भारत आने में असमर्थ है। विशेष पीएमएलए जज एमएस आजमी ने ईडी को चोकसी की याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।