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Conference of Governors: पीएम मोदी की राज्यपालों से अपील- केंद्र और राज्य सरकार के बीच बने प्रभावशाली माध्यम

Fri, 02 Aug 2024 04:06 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

Conference of Governors: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में आज से दो दिवसीय राज्यपाल सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें सभी राज्यों के राज्यपाल के साथ-साथ उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बैठक में भाग ले रहे हैं।
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पीएम मोदी की राज्यपालों से अपील - फोटो : PTI
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विस्तार
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राज्यपाल सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यपालों के आग्रह किया कि वे सभी केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक असरदार पुल की भूमिका निभाएं। पीएम ने राज्यपालों से कहा कि लोगों और सामाजिक संगठनों के साथ इस तरह से बातचीत करने का आग्रह किया, जिससे वंचित लोगों को शामिल किया जा सके।
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सम्मेलन में इन मुद्दों पर की जाएगी चर्चा
बता दें कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। वहीं इस सम्मेलन को लेकर राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, शनिवार को खत्म होने वाले इस सम्मेलन में ऐसे कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जो न केवल केंद्र-राज्य संबंधों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि आम लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

राष्ट्रपति मुर्मू ने उद्घाटन के दौरान दी सलाह
इस सत्र के दौरान अपने उद्घाटन भाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि लोकतंत्र के सुचारू संचालन के लिए यह महत्वपूर्ण है कि कई केंद्रीय एजेंसियां सभी राज्यों में बेहतर समन्वय के साथ काम करें। उन्होंने राज्यपालों को सलाह दी कि वे इस बारे में सोचें कि वे अपने-अपने राज्यों के संवैधानिक प्रमुख के रूप में इस समन्वय को कैसे बढ़ावा दे सकते हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि इस सम्मेलन के एजेंडे में सावधानीपूर्वक चुने गए मुद्दे शामिल हैं, जो राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण हैं।
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'राज्यपालों ने जो शपथ ली है, उसका पालन करेंगे'
इस दौरान राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राज्यपाल लोगों की सेवा और कल्याण में योगदान देना जारी रखेंगे, उन्होंने जो शपथ ली है, उसका पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं और राज्यपाल 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बड़े पैमाने पर जन आंदोलन बनाकर इसमें योगदान दे सकते हैं।

उपराष्ट्रपति और गृह मंत्री ने भी सत्र को किया संबोधित
वहीं अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राज्यपालों की शपथ का जिक्र किया और उनसे सामाजिक कल्याण योजनाओं और पिछले दशक के दौरान हुए अविश्वसनीय विकास के बारे में लोगों को जागरूक करने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आग्रह किया। जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दो दिवसीय सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं की रूपरेखा बताई और राज्यपालों से लोगों में विश्वास पैदा करने और विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए 'जीवंत गांवों' और 'आकांक्षी जिलों' का दौरा करने का आग्रह किया। 
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सम्मेलन में अलग-अलग सत्र किए जाएंगे आयोजित
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि सम्मेलन में अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें राज्यपालों के उप-समूह प्रत्येक एजेंडा आइटम पर विचार-विमर्श करेंगे। राज्यपालों के अलावा, ऐसे सत्रों में केंद्रीय मंत्री और संबंधित मंत्रालयों के अधिकारी भी शामिल होंगे। शनिवार को समापन सत्र के दौरान उप-समूहों की टिप्पणियों और सुझावों को राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ-साथ अन्य प्रतिभागियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। 
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