फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा में पीएम मोदी: कई बार किया पंडित नेहरू का जिक्र, कांग्रेस पर लगाया उनका संदेश भूलने का आरोप

Mon, 07 Feb 2022 08:10 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में पहली बार सीधे-सीधे पंडित जवाहरलाल नेहरू पर बात की। इस दौरान उन्होंने महंगाई को लेकर पंडित नेहरू के एक बयान का जिक्र किया और कांग्रेस पर राष्ट्र व स्वतंत्रता को लेकर नेहरू जी के संदेश को भूलने का आरोप भी लगाया। 
विज्ञापन
लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकलभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर उत्तर दिया। इस दौरान अपने चिरपरिचित अंदाज में नजर आए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की कड़े शब्दों में आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का भी कई बार जिक्र किया। इसमें उन्होंने पंडित नेहरू के एक बयान पर सवाल उठाए तो कांग्रेस पर पंडित नेहरू के बताए मार्ग से भटकने का आरोप भी लगाया।  

विज्ञापन


विपक्ष के पास इस समय सबसे मजबूत मुद्दों में से एक महंगाई है। इसे लेकर विपक्ष को जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय में पंडित नेहरू ने लाल किले से कहा था कि कभी-कभी कोरिया में लड़ाई भी हमें प्रभावित करती है और इसकी वजह से वस्तुओं के दाम बढ़ जाते हैं। देश के पहले प्रधानमंत्री ने यह बात तब कही थी जब ग्लोबलाइजेशन नहीं था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश का पहला प्रधानमंत्री भी महंगाई पर हाथ ऊपर कर देता है।

'देश का नसीब है कि देश बच गया'
प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडित नेहरू ने आगे कहा था कि अगर अमेरिका में भी कुछ हो जाता है तो इसका असर भी कीमतों पर पड़ता है। तब महंगाई की समस्या कितनी गंभीर थी कि नेहरू जी को भी हाथ खड़े करने पड़ गए थे। अगर कांग्रेस आज सत्ता में होती तो क्या होता। यह देश का नसीब है कि देश बच गया। अगर आज आप (कांग्रेस) होते तो महंगाई पुराने कोरोना के खाते में जमा कर निकल जाते। हम इस चुनौती पर पूरी ताकत से काम कर रहे हैं।




इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित नेहरू की किताब 'भारत एक खोज' का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा, सदन में राष्ट्र को लेकर जो बातें हुई थीं वो हैरान करने वाली हैं। ये जानकारी हैरत में डालने वाली है कि बंगाली, मराठी, गुजराती, तमिल, आंध्र, ओडिया, कन्नड़, मलयाली, सिंधी, कश्मीरी और हिंदुस्तानी भाषा-भाषी से पटा हुआ मध्य भाग कैसे अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। इसके बाद भी इनके गुण-दोष कमोबेश एक जैसे हैं।
विज्ञापन

पंडित नेहरू की किताब का किया जिक्र
उन्होंने आगे कहा कि इनकी परंपरा पुराने अभिलेखन से मिलती है। वे ऐसे भारतीय बने रहे जिनकी ऐतिहासिक विरासत एक ही थी। हम भारतीयों की विविधता को बताते हुए दो शब्द गौर करने वाले हैं- राष्ट्रीय विरासत। यह बात नेहरू जी की किताब भारत एक खोज में है। हमारी विविधताएं एक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप लोग कहते हैं कि मैं नेहरू जी का नाम नहीं लेता हूं। आज मैं आप लोगों की यह मुराद बराबर पूरी कर रहा हूं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कर्तव्यों के संबंध में नेहरू जी ने कहा था कि 'मैं आपसे फिर कहता हूं कि आजाद हिंदुस्तान है, आज हिंदु्स्तान की सालगिरह हम मनाते हैं, लेकिन आजादी के साथ जिम्मेदारी होती है और कर्तव्य खाली हुकूमत की नहीं, हर शख्स की जिम्मेदारी होती है। अगर आप उस जिम्मेदारी को नहीं समझते हैं तो आप आजादी के सही मायने नहीं समझ पाए और आप आजादी को बचा नहीं सकते हैं।' लेकिन आप (कांग्रेस) इस बात को भूल गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें