'देश का नसीब है कि देश बच गया'
प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडित नेहरू ने आगे कहा था कि अगर अमेरिका में भी कुछ हो जाता है तो इसका असर भी कीमतों पर पड़ता है। तब महंगाई की समस्या कितनी गंभीर थी कि नेहरू जी को भी हाथ खड़े करने पड़ गए थे। अगर कांग्रेस आज सत्ता में होती तो क्या होता। यह देश का नसीब है कि देश बच गया। अगर आज आप (कांग्रेस) होते तो महंगाई पुराने कोरोना के खाते में जमा कर निकल जाते। हम इस चुनौती पर पूरी ताकत से काम कर रहे हैं।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने पंडित नेहरू की किताब 'भारत एक खोज' का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा, सदन में राष्ट्र को लेकर जो बातें हुई थीं वो हैरान करने वाली हैं। ये जानकारी हैरत में डालने वाली है कि बंगाली, मराठी, गुजराती, तमिल, आंध्र, ओडिया, कन्नड़, मलयाली, सिंधी, कश्मीरी और हिंदुस्तानी भाषा-भाषी से पटा हुआ मध्य भाग कैसे अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। इसके बाद भी इनके गुण-दोष कमोबेश एक जैसे हैं।
पंडित नेहरू की किताब का किया जिक्र
उन्होंने आगे कहा कि इनकी परंपरा पुराने अभिलेखन से मिलती है। वे ऐसे भारतीय बने रहे जिनकी ऐतिहासिक विरासत एक ही थी। हम भारतीयों की विविधता को बताते हुए दो शब्द गौर करने वाले हैं- राष्ट्रीय विरासत। यह बात नेहरू जी की किताब भारत एक खोज में है। हमारी विविधताएं एक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप लोग कहते हैं कि मैं नेहरू जी का नाम नहीं लेता हूं। आज मैं आप लोगों की यह मुराद बराबर पूरी कर रहा हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कर्तव्यों के संबंध में नेहरू जी ने कहा था कि 'मैं आपसे फिर कहता हूं कि आजाद हिंदुस्तान है, आज हिंदु्स्तान की सालगिरह हम मनाते हैं, लेकिन आजादी के साथ जिम्मेदारी होती है और कर्तव्य खाली हुकूमत की नहीं, हर शख्स की जिम्मेदारी होती है। अगर आप उस जिम्मेदारी को नहीं समझते हैं तो आप आजादी के सही मायने नहीं समझ पाए और आप आजादी को बचा नहीं सकते हैं।' लेकिन आप (कांग्रेस) इस बात को भूल गए।