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भोपाल में बोले पीएम मोदी: रेलवे को लेकर लोगों की टूट चुकी उम्मीदें पूरी कर रहे हैं... पढ़िए संबोधन की बड़ी बातें

Mon, 15 Nov 2021 05:11 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भोपाल में देश के पहले विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन देश का पहला विश्वस्तरीय मॉडल स्टेशन है, जहां यात्रियों के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। पढ़िए प्रधानमंत्री के संबोधन की प्रमुख बातें...
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रहे। यहां उन्होंने देश के पहले विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया। 450 करोड़ रुपये की लागत से बने रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत विकसित किया गया है। पहले इस स्टेशन का नाम हबीबगंज था लेकिन मध्यप्रदेश सरकार की अनुशंसा पर केंद्र ने इसका नाम आखिरी हिंदू आदिवासी रानी कमलापति के नाम पर रखने का फैसला किया था।

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बुनियादी ढांचा बेहतर करने के लिए कर रहे काम
लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित भी किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे की पहले की तस्वीर और आज की तस्वीर की तुलना की और कहा कि आज के समय में हम तेजी से बेहतर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देश के हर वर्ग के लोगों के लिए सेवाओं को बेहतर और सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम न केवल परियोजनाओं को शुरू करने बल्कि उन्हें समय पर पूरा करने पर भी जोर दे रहे हैं।

गोंडवाना के गौरव से जुड़ा भारतीय रेल का गौरव
पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन भोपाल के लिए, मध्यप्रदेश के लिए और पूरे देश के लिए गौरवपूर्ण इतिहास व वैभवशाली भविष्य के संगम का दिन है। भोपाल के इस ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन का केवल कायाकल्प ही नहीं हुआ है बल्कि किन्नौरगढ़ की रानी कमलापति का इससे नाम जुड़ने से इसका महत्व और बढ़ गया है। गोंडवाना के गौरव से आज भारतीय रेल का गौरव भी जुड़ गया है। यह सब ऐसे समय में हुआ जब आज देश जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है।
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एक समय था जब लोग रेलवे को केवल कोसते थे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सपने किस तरह सच होते हैं भारतीय रेलवे इसका उत्तम उदाहरण बन रहा है। छह-सात साल पहले जिसका भी पाला रेलवे से पड़ता था वह इसे कोसते हुए और कुछ न कुछ गलत कहते हुए ही नजर आता था। स्टेशनों पर गंदगी, ट्रेनों की लेटलतीफी, स्टेशनों पर बैठने और खाने पीने की असुविधा, सुरक्षा की भी चिंता व दुर्घटना का डर जैसी समस्याएं थीं। लेकिन अब इन समस्याओं को दूर करने के लिए तेजी के साथ काम किए जा रहे हैं।



लोगों ने छोड़ दी थी कोई सुधार होने की उम्मीद
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय रेलवे की स्थिति एक समय में इतनी बिगड़ गई थी कि लोगों ने इस बात को मान लिया था कि इसमें सुधार नहीं होने वाला। लोगों ने रेल सुविधाओं में सुधार की उम्मीदें छोड़ दी थीं। लेकिन जब देश ईमानदारी से संकल्पों की सिद्धि से जुड़ता है तो सुधार आता ही आता है, परिवर्तन होता ही होता है। यह हमने बीते वर्षों में लगातार देखा है। सकारात्मक परिवर्तन का यह सिलसिला आगे भी चलता रहे इसके लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।

पुरानी विरासत को आधुनिकता के साथ ढाल रहे
मोदी ने कहा कि एक समय था जब रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को ड्राइंग बोर्ड से जमीन पर उतरने में सालों-साल लग जाते थे। मेरे सामने कई प्रोजेक्ट ऐसे आए जो 35 साल पहले घोषित कर दिए गए थे लेकिन अभी तक पूरे नहीं हो पाए। जितनी जल्दी नए प्रोजेक्ट की प्लानिंग की है उतनी ही गंभीरता उन्हें समय पर पूरा करने की भी है। आज सेमी हाईस्पीड ट्रेनें नेटवर्क का हिस्सा बनती जा रही हैं। रेलवे अपनी पुरानी विरासत को आधुनिकता के साथ ढाल रहा है। 

आम आदमी के लिए तीर्थाटन-पर्यटन की सुविधा
उन्होंने कहा, पहली बार आम आदमी को उचित राशि में रेलवे के जरिए पर्यटन और तीर्थाटन का अद्भुत अनुभव दिया जा रहा है। कुछ दिन विशेष रामायण एक्सप्रेस ट्रेन अपने सफर पर निकल चुकी है। आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से कुछ और रामायण एक्सप्रेस ट्रेनें भी चलने वाली हैं। रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशन और एप्रोच में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेनों की गति में सुधार आया है और दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। 

बेहतर सुविधाएं देना करदाताओं का सही सम्मान
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि गुणवत्तापूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं की देश के करदाताओं को और मध्यम वर्ग को हमेशा उम्मीद रही है। उन्हें ये सुविधाएं दी जाएं, यही इन करदाताओं का सही सम्मान है। रेलवे स्टेशनों के पूरे ईकोसिस्टम को इसी तरह से बदलने के लिए आज देश के 175 से अधिक स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है और नई ट्रेनें चलाने की तैयारी की जा रही है। आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भारतीय रेलवे अब रिकॉर्ड निवेश कर रहा है।

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