इस योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इसमें छोटे कारोबारियों को 10 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाता है। इसके तहत तीन तरह (शिशु ऋण, किशोर ऋण, तरुण ऋण) के कर्ज दिए जाते हैं। इसमें शिशु ऋण के तहत 50 हजार रुपये तक ऋण दिए जाते हैं। किशोर ऋण की सीमा 50 हजार से 5 लाख रुपये तक है। वहीं, तरुण ऋण के तहत 5 लाख से 10 लाख रुपये तक कर्ज दिया जाता है।