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साक्षात्कार: पीएम मोदी ने 'दो लड़कों' पर साधा निशाना, 2019 चुनावों का हवाला देकर 'बुआ जी' को भी घेरा

Wed, 09 Feb 2022 09:09 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

उत्तर प्रदेश में सात चरणों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए मतदान का पहला चरण कल यानी गुरुवार को आयोजित होगा। उत्तर प्रदेश के साथ ही चार अन्य राज्यों में भी विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन चुनावों को लेकर बात की और भाजपा की जीत का विश्वास जताया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पांचों चुनावी राज्यों में भाजपा की जीत का विश्वास व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भाजपा पांचों राज्यों में विजयी होगी और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। 

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समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैंने सभी राज्यों में देखा है कि जनता का भाजपा की ओर झुकाव है और हम पूर्ण बहुमत के साथ ये चुनाव जीतेंगे। इन पांचों राज्यों की जनता भाजपा को उनकी सेवा करने का अवसर प्रदान करेगी।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा साक्षात्कार देखना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करें


 

यूपी ने नकार दी है 'एक बार आओ, एक बार जाओ' की व्यवस्था
उन्होंने कहा, जब हम सत्ता में होते हैं तो पूरी ऊर्जा और बड़े स्तर पर 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ काम करते हैं। पांचों राज्यों में सबसे अहम माने जा रहे उत्तर प्रदेश को लेकर मोदी ने कहा कि यहां जनता ने 'एक बार आओ, एक बार जाओ' की व्यवस्था नकार दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सामूहिक नेतृत्व में भरोसा करती है। हमें एक साथ मिलकर काम करने की आदत है। भाजपा की होर्डिंग पर पार्टी के कार्यकर्ताओं की तस्वीरें इसे स्पष्ट करती हैं। उन्होंने कहा कि हम हारें या फिर जीतें, चुनाव हमारे लिए एक ओपन यूनिवर्सिटी की तरह हैं। 

यूपी ने 'दो लड़कों' और 'बुआ जी' का खेल देखा, पर खारिज कर दिया
पीएम ने अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के सपा-रालोद गठबंधन की बात करते हिए कहा कि यूपी ने पहले दो लड़कों का खेल देखा। उनमें इतना अहंकार था कि उत्तर प्रदेश ने उन्हें सबक सिखाया। दूसरी बार दो लड़कों के साथ बुआ जी (मायावती) भी थीं। लेकिन कुछ असर नहीं पड़ा।

साथ ही, कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली और विचारधारा का आधार ही संप्रदायवाद, जातिवाद, भाषावाद, प्रांतवाद, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार है। अगर देश की मुख्यधारा में यह रहेगा को सोचिए देश को कितना बड़ा नुकसान होगा।

कांग्रेस ने अपने शासन काल में सिर्फ देश को बांटने का काम किया
उन्होंने कहा कि इम चुनावों से हमें नई भर्तियों का और सुधार करने का अवसर मिलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं सबको साथ लेकर चलने का प्रयास करता हूं। मैं मानता हूं कि राष्ट्र को विकसित करने का यही एक मात्र रास्ता है। देश के विकास के लिए हमें मिलकर काम करना होगा।

विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए पीएम ने कहा कि विपक्ष देश को बांटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इस देश के लोग इतने समझदार हैं कि इनके जाल में नहीं फसेंगे। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, पिछले 50 साल में उन्होंने केवल देश को बांटने का काम किया है।

'मैं अच्छे से समझता हूं राज्य की आकांक्षाएं और आवश्यकताएं'
पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा क्षेत्रीय आकांक्षाओं को देश के विकास के लिए संबोधित करने में विश्वास रखती है। मैं देश का पहला प्रधानमंत्री हूं जो लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहा है। मैं अच्छी तरह से इस बात को समझता हूं कि एक राज्य की आकांक्षाएं और आवश्यकताएं क्या हैं। 

भारत की विविधता को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने के अपने विचार को लेकर उन्होंने कहा कि अब कई देशों के अध्यक्ष भारत आने पर यहां कई राज्यों की यात्रा करते हैं। इससे पहले ये लोग केवल नई दिल्ली तक ही सीमित रहते थे। मैं चीनी राष्ट्रपति को तमिलनाडु लेकर गया था।

उन्होंने कहा कि मैं फ्रांस के राष्ट्रपति को उत्तर प्रदेश लेकर गया था। मैं जर्मनी की चांसलर (तत्कालीन) को कर्नाटक लेकर गया था और तब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता देश के हर राज्य को प्रोत्साहित करने की और पहचान देने की है।
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'सामाजिक न्याय के साथ छेड़छाड़ देश के लिए नुकसानदायक'
इस सवाल पर कि अगर क्षेत्रीय आकांक्षाओं को महत्व दिया जाएगा तो इससे देश की एकता को खतरा पैदा होगा, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जैसे देश में जहां सामाजिक व्यवस्था विविधता से परिपूर्ण है, अगर हम सामाजिक न्याय के साथ छेड़छाड़ करते हैं तो देश को नुकसान होगा।

अगर देश का कोई भी हिस्सा कमजोर है तो यह प्रगति नहीं कर सकता है। हमें समावेशी और शुद्ध विकास की ओर ध्यान देना चाहिए। हमारी सरकार ने 110 से 115 ऐसे आकांक्षी जिलों की पहचान की है जो राज्यों के साथ सहयोग में विकास के मानकों पर बहुत अधिक पिछड़े हुए हैं।

ये जिले शासन में कमियों के चलते औसत से भी नीचे हैं और इसके लिए योजनाओं का लागू होना कारण नहीं है। केवल एक राज्य ने आपत्ति जताई है। हमने इन जिलों पर विशेष ध्यान दिया है। मैंने खुद इन जिलों के प्रमुखों से बात की है जिससे लाभकारी योजनाएं वहां तेजी से पहुंच सकें।
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