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वैश्विक कोविड शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी ने डब्ल्यूटीओ और डब्ल्यूएचओ में सुधार पर कही बड़ी बात, भारत के टीकाकरण अभियान को जमकर सराहा

Thu, 12 May 2022 08:04 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने 98 देशों को 200 मिलियन कोविड वैक्सीन की डोज सप्लाई की है। भारत ने परीक्षण, उपचार और डेटा प्रबंधन के लिए कम लागत वाली कोविड शमन तकनीक विकसित की है। हमने अन्य देशों को भी इन क्षमताओं की पेशकश की है। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : ANI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दूसरे वैश्विक कोविड शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। वर्चुअल संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि कोविड महामारी जीवन को बाधित करती है। यह आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करती है और खुले समाज के लचीलेपन का परीक्षण करती है। भारत में हमने महामारी के खिलाफ एक जन-केंद्रित रणनीति अपनाई है। 

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उन्होंने कहा कि हमने अपने वार्षिक स्वास्थ्य देखभाल बजट में अब तक का सबसे अधिक आवंटन किया है। हमारा टीकाकरण कार्यक्रम दुनिया में सबसे बड़ा है। हमारा टीकाकरण कार्यक्रम दुनिया में सबसे बड़ा है। हमने लगभग 90 फीसदी वयस्क आबादी और 50 मिलियन से अधिक बच्चों को पूरी तरह से टीका लगाया है। भारत डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुमोदित चार टीकों का निर्माण करता है और इस वर्ष 5 बिलियन खुराक का उत्पादन करने की क्षमता रखता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने 98 देशों को 200 मिलियन कोविड वैक्सीन की डोज सप्लाई की है। भारत ने परीक्षण, उपचार और डेटा प्रबंधन के लिए कम लागत वाली कोविड शमन तकनीक विकसित की है। हमने अन्य देशों को भी इन क्षमताओं की पेशकश की है। 
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We have made the highest-ever allocation to our annual healthcare budget. Our vaccination program is the largest in the world: Prime Minister Narendra Modi at the 2nd #GlobalCOVIDSummit

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- Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 12 May 2022



कोविड पर अमेरिका द्वारा आयोजित दूसरे डिजिटल वैश्विक शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि भारत ने जांच, उपचार और डेटा प्रबंधन के लिए कम कीमत वाली ‘कोविड मिटिगेशन प्रौद्योगिकी’ विकसित की। हमने इन क्षमताओं को अन्य देशों से साझा किया। वायरस को लेकर वैश्विक डेटाबेस के लिए भारत के ‘जेनोमिक्स कंर्सोर्टियम’ ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि स्वास्थ्य से जुड़ी आपात चुनौतियों से निपटने के लिए एक समन्वित वैश्विक उपायों की आवश्यकता है। हमें दुरूस्त वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना चाहिए तथा टीकों व दवाओं की न्यायसंगत पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए।

उन्होंने डब्ल्यूएचओ में सुधार के साथ ही उसे मजबूत किए जाने पर बल दिया, ताकि अधिक लचीला वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा ढांचा तैयार किया जा सके। उन्होंने विश्व व्यापार संगठन के नियम, विशेष रूप से ट्रिप्स (बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधित पहलू) को अधिक लचीला बनाने की की आवश्यकता पर बल दिया।
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