प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लघु उद्योग सेक्टर में लिए गए 12 बड़े फैसलों पर बात की। उन्होंने कहा कि MSME या छोटे उद्योग हमारे देश में करोड़ों देशवासियों की रोजी-रोटी का साधन है। यह हम भली-भांति जानते हैं। साथ ही कहा कि हम यह भी जानते हैं कि यह देश की अर्थव्यवस्था में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने छोटे उद्यमियों को दिवाली से पहले बड़ा गिफ्ट दिया है। उन्होंने कहा कि हम छोटे उद्यमियों को 59 मिनट में 1 करोड़ तक लोन पास करेंगे। उन्होंने कहा कि MSME कृषि के बाद रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर हैं। पीएम ने कहा कि खेती भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तो MSME उसके मजबूत कदम हैं। दोनों ही देश की प्रगति को गति देने का काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि जीएसटी पंजीकृत हर MSME को एक करोड़ रुपये तक के नए कर्ज या इन्क्रीमेंटल लोन की रकम पर ब्याज में 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। बिल्कुल जमीनी स्तर पर जाकर, नियमों में सुधार करके, MSME के लिए अब उद्योग की राह और आसान बनाने का काम हमने किया है। इसलिए कितने ही शहरों की पहचान, उनके यहां चलने वाले लघु उद्योगों की वजह से ही है।
पीएम मोदी ने कहा कि अगर मैं कहूं कि देश के हर जिले के साथ, उसकी एक खास पहचान जुड़ी हुई हो तो गलत नहीं होगा। इन सभी की कमान लघु उद्योगों ने ही तो संभाल रखी है। ये MSME कृषि के बाद रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है।
ये 12 फैसले इस बात का भी प्रमाण हैं कि जब Silos को तोड़कर, Collective Initiative लिया जाता, Collective Responsibility निभाई जाती है, Collective Decision लिया जाता है, तो कितने व्यापक स्तर पर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से भारत सरकार के कई मंत्रालय मिलकर इन फैसलों तक पहुंचने में जुटे हुए थे।
मोदी ने कहा कि भारत में चार-साढ़े चार वर्षों में बहुत बदलाव हुए हैं, इनमें छोटे उद्योगों की अहम भूमिका रही है। 4 साल पहले कोई यकीन नहीं कर सकता था वो हमने करके दिखाया है। वहीं अरुण जेटली ने कहा कि इतिहास में पहली बार भारत दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला देश बन गया है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था 9वें नंबर पर थी अब 6ठे नंबर पर आ गई है।