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Crop: PM मोदी ने उच्च उपज वाली फसलों की 109 किस्में जारी कीं; जलवायु का असर होगा कम, किसानों को मिलेगा लाभ

Sun, 11 Aug 2024 02:37 PM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री मोदी आज उच्च उपज वाली फसलों की 109 किस्में जारी कीं। कार्यक्रम के दौरान पीएम ने किसानों और वैज्ञानिकों से बातचीत भी की। 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में फसलों की 109 उच्च उपज वाली, जलवायु अनुकूल एवं जैव-सुदृढ़ किस्में जारी कीं। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम के दौरान किसानों और वैज्ञानिकों से भी बातचीत की। इस पहल का उद्देश्य कृषि उत्पादकता और किसानों की आय को बढ़ाना है।
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किसानों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत भी की
इन किस्मों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने विकसित किया है और ये कुल 61 फसलों से संबंधित हैं। इनमें 34 खेतों में लगाई जाने वाली और 27 बागवानी की फसलें हैं। मोदी ने दिल्ली के पूसा परिसर में तीन प्रायोगिक कृषि भूखंडों पर बीजों को पेश किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने किसानों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत भी की। 

जारी की जाने वाली 61 फसलों की 109 किस्मों में 34 खेत की फसलें और 27 बागवानी फसलें शामिल हैं। खेत की फसलों में बाजरा, चारा फसलें, तिलहन, दलहन, गन्ना, कपास, फाइबर और अन्य संभावित फसलों सहित विभिन्न अनाज के बीज जारी किए गए। वहीं, बागवानी फसलों में फलों, सब्जियों, बागानों, कंद फसलों, मसालों, फूलों और औषधीय फसलों की विभिन्न किस्में भी शामिल हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी वर्ष 2014 से ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए टिकाऊ खेती के तरीकों और जलवायु अनुकूल तरीकों की वकालत करते रहे हैं। उन्होंने लगातार 'जैव-सुदृढ़' किस्मों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है और कुपोषण से निपटने के लिए उन्हें मध्याह्न भोजन योजना और आंगनवाड़ी सेवाओं जैसी सरकारी पहलों से जोड़ा है।

बजट में पीएम-प्रणाम योजना की घोषणा
बता दें कि भारत सरकार पहले से ही पर्यावरण की चिंता के साथ हरित और टिकाऊ कृषि और अच्छी कृषि प्रथाओं के माध्यम से हरित कृषि को बढ़ावा दे रही है। यह राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (एनएमएसए) को लागू कर रहा है जो जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) के तहत राष्ट्रीय मिशनों में से एक है। एनएमएसए का उद्देश्य भारतीय कृषि को बदलती जलवायु के प्रति अधिक लचीला बनाने के लिए रणनीतियों को विकसित और लागू करना है। इसके अलावा, सरकार ने बजट 2023-24 में धरती माता के पुनरुद्धार, जागरूकता, पोषण और सुधार के लिए प्रधानमंत्री कार्यक्रम (पीएम-प्रणाम) योजना की भी घोषणा की है, जिसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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