प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया भारत को विश्वसनीय साझेदार के रूप में देख रही है। दुनिया मानती है कि भारत गुणवत्तापूर्ण उत्पाद के विनिर्माण में सक्षम है। उद्योग जगत को इसका भरपूर लाभ उठाने के लिए बड़े कदम उठाने चाहिए। पीएम मोदी ने तीन बजट पश्चात वेबिनारों को संबोधित किया। ये वेबिनार विनियामक, निवेश और कारोबारी सुगमता, एमएसएमई को विकास का इंजन बनाने और विनिर्माण, निर्यात और परमाणु ऊर्जा मिशन जैसे विषयों पर आयोजित किए गए।
विनियामक, निवेश और कारोबारी सुगमता संबंधी सुधारों पर बजट पश्चात वेबिनार में पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण आपूर्ति शृंखला में व्यवधान के बीच दुनिया को आज एक ऐसे भरोसेमंद साझेदार की जरूरत है जो उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बना सके। हमारा देश ऐसा करने में सक्षम है। मैं चाहता हूं कि हमारा उद्योग जगत दुनिया की इन अपेक्षाओं को महज दर्शक बनकर न देखे। आपको इसमें अपनी भूमिका तलाशनी होगी, आपको अपने लिए अवसर तलाशने होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पिछले 10 वर्षों से उद्योग जगत के साथ मिलकर काम कर रही है और उसने सुधार, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और समावेशी विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था का विकास इंजन
मोदी ने कहा, आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए विकास का इंजन है। भारत ने मुश्किल समय में भी अपनी लचीलापन साबित किया है। आज हर देश भारत के साथ अपनी आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना चाहता है। हमारे विनिर्माण क्षेत्र को इस साझेदारी का लाभ उठाना चाहिए। सरकार की निरंतरता और सुधारों के प्रति आश्वासन के कारण उद्योग जगत को नया आत्मविश्वास मिला है। मैं विनिर्माण और निर्यात क्षेत्र के हितधारकों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आने वाले वर्षों में भी यह जारी रहेगा।
आरएंडडी पर फोकस, दुनिया ने हमारी क्षमता का माना लोहा
आरएंडडी की भूमिका पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग को नवीन उत्पादों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से मूल्य संवर्धन करना चाहिए। खिलौना, फुटवियर और श्रम प्रधान क्षेत्रों में हमारी क्षमता को दुनिया जानती है। पारंपरिक शिल्प को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने से सफलता प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। हम इन क्षेत्रों में वैश्विक चैंपियन बन सकते हैं और निर्यात को कई गुना बढ़ा सकते हैं। इससे श्रम प्रधान क्षेत्रों और उद्यमिता में रोजगार भी सृजित होंगे।
एमएसएमई को ऋण के साथ मार्गदर्शन की भी जरूरत
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए बजट-पश्चात वेबिनार में पीएम मोदी ने कहा कि एमएसएमई हमारे देश की आर्थिक वृद्धि में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाते हैं। पहली बार उद्यम करने वाली पांच लाख महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को दो करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एमएसएमई को न केवल ऋण की आवश्यकता है, बल्कि मार्गदर्शन की भी आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगों को उन्हें सहायता देने के लिए मार्गदर्शन कार्यक्रम स्थापित करने चाहिए।
निवेश बढ़ाने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका
राज्यों को कारोबार सुगमता सुधारों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए मोदी ने कहा कि निवेश बढ़ाने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्यों की ओर से कारोबार सुगमता सुधारों को आगे बढ़ाने से और अधिक निवेश आएगा। राज्यों को आपस में प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। जो राज्य प्रगतिशील नीतियों के साथ आगे आएंगे, कंपनियां उन्हें निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में पाएंगी।
पीएलआई योजना से डेढ़ लाख करोड़ से अधिक का निवेश
पीएम ने कहा कि आज दुनिया अनिश्चित राजनीतिक माहौल से गुजर रही है और पूरी दुनिया भारत को विकास केंद्र के रूप में देख रही है। 14 क्षेत्रों के लिए शुरू की गई उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से 750 से अधिक इकाइयों को मंजूरी दी गई है, जिसके परिणामस्वरूप 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन और 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है। यह दर्शाता है कि अवसर मिलने पर उद्यमी नए क्षेत्रों में कैसे आगे बढ़ सकते हैं।
स्थिर नीति, बेहतर कारोबारी माहौल महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री ने कहा, स्थिर नीति और बेहतर कारोबारी माहौल किसी भी देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। कुछ साल पहले सरकार ने जन विश्वास अधिनियम पेश किया था और कानून कम करने के प्रयास किए थे। केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर 40,000 से अधिक कानून समाप्त किए गए, जिससे कारोबार करने में आसानी हुई। इस अभ्यास को जारी रखने पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने सरलीकृत आयकर प्रावधान पेश किए हैं और जन विश्वास 2.0 विधेयक पर काम कर रही है।
वेबिनार के बारे में जानिए
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, वेबिनार एमएसएमई को विकास का इंजन, निर्माण, निर्यात एवं परमाणु ऊर्जा मिशन और नियामक सुधार, निवेश व ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विषयों पर केंद्रित रहा। पीएम मोदी ने इन कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
पीएमओ ने बताया कि वेबिनार का मकसद सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के नेताओं और व्यापार विशेषज्ञों के लिए भारत की औद्योगिक, व्यापारिक और ऊर्जा रणनीतियों पर चर्चा का मंच प्रदान करना था। इनमें बजट में घोषित योजनाओं के क्रियान्वयन, निवेश सुविधा और तकनीकी अपनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही, निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ मिलकर बजट के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने की दिशा में रणनीति तैयार की गई। इन चर्चाओं का उद्देश्य बजट के परिवर्तनकारी प्रावधानों को धरातल पर उतारने के लिए हितधारकों के बीच समन्वय बढ़ाना है। यह पहल देश में नीतिगत सुधारों और आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।