- राज्य संक्रमण के आधार पर तीन जोन लाल, नारंगी व हरा तय करेंगे।
- कलेक्टर-एसपी अधिक जवाबदेह होंगे। श्रमिकों के पलायन जैसे हालात पर सीधे जिम्मेदार होंगे।
- सोमवार से केंद्र समेत सभी राज्यों में मंत्री और आला अफसर दफ्तर में होंगे। कामकाज सुचारू होगा।
- बैंक-एटीएम समेत पहले से तय आवश्यक सेवाएं लॉकडाउन से मुक्त रहेंगी।
- जहां हालात चिंताजनक हैं, उन राज्यों मेंं औपचारिक एलान से पहले ही लॉकडाउन बढ़ गया है।
जान के लिए...
- लॉकडाउन व सामाजिक दूरी के लिए सख्ती जारी रहेगी।
- क्लस्टर कंटेंमेंट से हॉटस्पॉट्स पर संक्रमण रहित होंगे।
जहान के लिए...
- सुरक्षा स्टोर : जरूरी सामान के लिए 20 लाख स्टोर बनेंगे। कंपनियों की मदद से पहले से मौजूद किराना दुकानें तय होंगी। ई-कॉमर्स को भी छूट।
- विद्यार्थी : शैक्षणिक संस्थाएं नए सत्र में ही खुलेंगे। उच्च, तकनीकी व मेडिकल शिक्षा ऑनलाइन। वैविनार व दूरदर्शन का भी उपयोग होगा।
- किसान : खेत तक पहुंच आसान होगी। मंडी परिषद गांव या घर से खरीद सुनिश्चित करेगी।
- उद्योग : बड़े उद्योग व एमएसएमई प्रोटोकॉल का पालन व मजदूरों के रहने-खाने के इंतजाम के साथ सशर्त काम शुरू कर सकेंगे।
लॉकडाउन जल्द हटाया तो और घातक : डब्ल्यूएचओ
जिनेवा। लॉकडाउन हटाने या ढील देने पर भारत समेत पूरी दुनिया की सरकारें विचार कर रही हैं। इसके मद्देनजर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस घेब्रेयसस ने कहा, अगर लॉकडाउन जल्द हटाया गया तो हालात सुधरने के बजाय और बिगडे़ंगे। दुनिया को खतरनाक अंजाम भुगतना पड़ सकता है, महामारी ज्यादा घातक रूप में वापसी कर सकती है।