पांचवी बात- जितना हो सके उतने गरीब परिवार की देखरेख करें, उनके भोजन की आवश्यकता पूरी करें। छठी बात- आप अपने व्यवसाय, अपने उद्योग में अपने साथ काम करे लोगों के प्रति संवेदना रखें, किसी को नौकरी से न निकालें। सातवीं बात- देश के कोरोना योद्धाओं, हमारे डॉक्टर- नर्सेस, सफाई कर्मी-पुलिसकर्मी का पूरा सम्मान करें। पूरी निष्ठा के साथ 3 मई तक लॉकडाउन के नियमों का पालन करें, जहां हैं, वहां रहें, सुरक्षित रहें। वयं राष्ट्रे जागृयाम”, हम सभी राष्ट्र को जीवंत और जागृत बनाए रखेंगे।
पहली बात- अपने घर के बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें - विशेषकर ऐसे व्यक्ति जिन्हें पुरानी बीमारी हो, उनकी हमें Extra Care करनी है, उन्हें कोरोना से बहुत बचाकर रखना है। दूसरी बात- लॉकडाउन और सामाजिक दूरी की लक्ष्मण रेखा का पूरी तरह पालन करें, घर में बने फेसकवर या मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। तीसरी बात- अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए, आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें, गर्म पानी, काढ़ा, इनका निरंतर सेवन करें। चौथी बात- कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने में मदद करने के लिए आरोग्य सेतु मोबाइल एप जरूर डाउनलोड करें। दूसरों को भी इस एप को डाउनलो करने के लिए प्रेरित करें।
इसलिए, न खुद कोई लापरवाही करनी है और न ही किसी और को लापरवाही करने देना है। कल इस बारे में सरकार की तरफ से एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी। जो रोज कमाते हैं, रोज की कमाई से अपनी जरूरतें पूरी करते हैं, वो मेरा परिवार हैं। मेरी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक, इनके जीवन में आई मुश्किल को कम करना है। अब नई गाइडलइंस बनाते समय भी उनके हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। इस समय रबी फसल की कटाई का काम भी जारी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर, प्रयास कर रही हैं कि किसानों को कम से कम दिक्कत हो।
अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को परखा जाएगा, वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है, उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है, ये देखा जाएगा। जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे, जो हॉटस्पॉट में नहीं होंगे, और जिनके हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है।
मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। इसलिए हमें हॉटस्पॉट को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। जिन स्थानों के हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका है उस पर भी हमें कड़ी नजर रखनी होगी। नए हॉटस्पॉट का बनना, हमारे परिश्रम और हमारी तपस्या को और चुनौती देगा।
अगर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से देखें तो अभी ये मंहगा जरूर लगता है लेकिन भारतवासियों की जिंदगी के आगे, इसकी कोई तुलना नहीं हो सकती। सीमित संसाधनों के बीच, भारत जिस मार्ग पर चला है, उस मार्ग की चर्चा आज दुनिया भर में हो रही है। इन सब प्रयासों के बीच, कोरोना जिस तरह फैल रहा है, उसने विश्व भर में हेल्थ एक्सपर्ट्स और सरकारों को और ज्यादा सतर्क कर दिया है। भारत में भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब आगे कैसे बढ़े, इसे लेकर मैंने राज्यों के साथ निरंतर बात की है।
सभी का यही सुझाव है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाए। कई राज्य तो पहले से ही लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला कर चुके हैं। साथियों, सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये तय किया गया है कि भारत में लॉकडाउन को अब 3 मई तक और बढ़ाना पड़ेगा। यानि 3 मई तक हम सभी को, हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा। इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है, जैसे हम करते आ रहे हैं।
जब हमारे यहां कोरोना के सिर्फ 550 केस थे, तभी भारत ने 21 दिन के संपूर्ण लॉकडाउन का एक बड़ा कदम उठा लिया था। भारत ने, समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया, बल्कि जैसे ही समस्या दिखी, उसे, तेजी से फैसले लेकर उसी समय रोकने का प्रयास किया। भारत ने होलिस्टिक अप्रोच न अपनाई होती, इंटिग्रेडिड अप्रोच न अपनाई होती, तेज फैसले न लिए होते तो आज भारत की स्थिति कुछ और होती। लेकिन बीते दिनों के अनुभवों से ये साफ है कि हमने जो रास्ता चुना है, वो सही है।
लॉकडाउन के इस समय में देश के लोग जिस तरह नियमों का पालन कर रहे हैं, जितने संयम से अपने घरों में रहकर त्योहार मना रहे हैं, वो बहुत प्रशंसनीय है। आज पूरे विश्व में कोरोना वैश्विक महामारी की जो स्थिति है, आप उसे भली-भांति जानते हैं। अन्य देशों के मुकाबले, भारत ने कैसे अपने यहां संक्रमण को रोकने के प्रयास किए, आप इसके सहभागी भी रहे हैं और साक्षी भी।
लेकिन आप देश की खातिर, एक अनुशासित सिपाही की तरह अपने कर्तव्य निभा रहे हैं। हमारे संविधान में जिस वी द पीपुल ऑफ इंडिया की शक्ति की बात कही गई है, वो यही तो है। बाबा साहेब डॉक्टर भीम राव आंबेडकर की जन्म जयंती पर, हम भारत के लोगों की तरफ से अपनी सामूहिक शक्ति का ये प्रदर्शन, ये संकल्प, उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई, बहुत मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। आपकी तपस्या, आपके त्याग की वजह से भारत अब तक, कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है। मैं जानता हूं, आपको कितनी दिक्कते आई हैं। किसी को खाने की परेशानी, किसी को आने-जाने की परेशानी, कोई घर-परिवार से दूर हैं।
मैं सभी देशवासियों की तरफ से बाबा साहब को नमन करता हूं। साथियों ये देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग त्योहारों का समय है। भारत उत्सवों से भरा रहता है, उत्सवों से खिला-खिला रहता है। ये कई राज्यों में नए साल का भी समय है।
प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा से पहले ही देश के 11 राज्यों में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ चुका है। ये राज्य हैं- दिल्ली, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, पुड्डुचेरी, मिजोरम। इटली में 3, फ्रांस में 11 मई तक लॉकडाउन बढ़ा। ब्रिटेन में 20 अप्रैल को खत्म हो रहा है, लेकिन यह मई तक बढ़ सकता है। स्पेन, जर्मनी और रूस भी बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।
राज्यों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि मजदूरों को मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों में जाने के लिए पास जारी करें। आटा, दाल, खाद्य तेलों की छोटी इकाइयां पूरी तरह खोली जाएंगी। वेयर हाउस और कोल्ड स्टोरेज खोलने की भी योजना है। ये खुलने के बाद ई-कॉमर्स के जरिये डिलीवरी का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
सूत्रों के अनुसार 15 अप्रैल से 16 तरह के उद्योग और कॉमर्शियल गतिविधियां भी शुरू होंगी। वर्करों को 30 अप्रैल तक फैक्ट्रियों में ही रखा जाएगा। राज्यों में प्रवासी श्रमिकों के 28 हजार कैंपों से कामगार फैक्ट्रियों तक पहुंचाए जाएंगे। रेलवे, एयरपोर्ट, बंदरगाह और कस्टम प्राधिकरण को भी खुलने का संकेत मिल चुका है।
केंद्र के सभी मंत्री और अधिकारी सोमवार से कार्यालय में पहुंचकर आर्थिक गतिविधियां फिर से पटरी पर लाने की योजना में जुट गए। इसके लिए देश को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा जा सकता है। लॉकडाउन 2.0 में जरूरी सेवा और वस्तुओं की सूची भी बढ़ेगी।
माना जा रहा है कि कोरोना वायरस महामारी पर अपने चौथे संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी कुछ रियायतों के साथ 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार महानगरों और बड़े शहरों में पाबंदियां बनी रहेंगी। हालांकि, जिन कस्बों और ग्रामीण इलाकों में संक्रमण का प्रकोप नहीं है, वहां ढील मिल सकती है। संक्रमण मुक्त 276 जिलों में काम शुरू होने की उम्मीद है।