पीएम नरेंद्र मोदी की श्रीलंका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पहली बार एक बड़े रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया, रक्षा सहयोग को लेकर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह भारत-श्रीलंका रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति का संकेत होगा। हालांकि, प्रस्तावित रक्षा समझौते का विस्तृत विवरण अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
पीएम मोदी की श्रीलंका यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पहली बार एक बड़े रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यही नहीं, दोनों पक्ष श्रीलंका के ऋण पुनर्गठन समेत कई अन्य द्विपक्षीय समझौतों को भी अंतिम रूप दे सकते हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया, रक्षा सहयोग को लेकर एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह भारत-श्रीलंका रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति का संकेत होगा।
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हालांकि, प्रस्तावित रक्षा समझौते का विस्तृत विवरण अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है। लेकिन इससे 35 वर्ष पहले श्रीलंका से भारतीय शांति सेना वापस बुलाने के कड़वे दौर की यादें धुंधली होने की उम्मीद है। यह हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती उपस्थिति की पृष्ठभूमि में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने वाला साबित होगा। मिस्री ने कहा, श्रीलंका हमारी पड़ोसी पहले नीति का एक अभिन्न अंग है और आपसी विश्वास व सद्भावना पर आधारित संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। मोदी पहले विदेशी नेता होंगे, जिनकी श्रीलंका के राष्ट्रपति के तौर पर दिसानायके मेजबानी करेंगे। मोदी ने इससे पहले 2019 में श्रीलंका की यात्रा की थी।
अगले महीने थाईलैंड-श्रीलंका की यात्रा करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा करेंगे। इसे लेकर आधिकारिक एलान कर दिया गया है। पीएम मोदी पहले थाईलैंड और फिर श्रीलंका जाएंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, थाईलैंड के प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 4 अप्रैल 2025 को आयोजित होने वाले छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके लिए पीएम मोदी 3 से 4 अप्रैल तक बैंकॉक का दौरा करेंगे। इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी वर्तमान बिम्सटेक अध्यक्ष थाईलैंड करेगा। यह प्रधानमंत्री की थाईलैंड की तीसरी यात्रा होगी। इसके बाद पीएम मोदी कोलंबो रवाना होंगे। प्रधानमंत्री श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका के निमंत्रण पर 4 से 6 अप्रैल 2025 तक वे श्रीलंका की राजकीय यात्रा पर रहेंगे।
2015 के बाद से मोदी की द्वीप राष्ट्र की चौथी यात्रा
2015 के बाद से यह प्रधानमंत्री मोदी की द्वीप राष्ट्र की चौथी यात्रा होगी। इससे पहले पीएम मोदी ने 2015, 2017 और 2019 में श्रीलंका का दौरा किया था। यह यात्रा ऐसे वक्त हो रही है, जब भारत और श्रींलका के बीच मछुआरों की गिरफ्तारी का मुद्दा गरम है। इस कारण से दोनों देशों के बीच तनातनी चल रही है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कई बार विदेश मत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर मुद्दे के स्थायी हल निकालने के लिए काम करने को कह चुके हैं।