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भीड़ की हिंसा पर पीएम ने तोड़ी चुप्पी कहा, गोरक्षा के नाम पर हत्या मंजूर नहीं

Fri, 30 Jun 2017 07:55 AM IST
एजेंसी/ अहमदाबाद 
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- फोटो : ANI
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरक्षा के नाम पर हाल के दिनों में हुई भीड़ की हिंसा पर जम कर बरसे। बृहस्पतिवार को साबरमती आश्रम में उन्होंने कहा कि गोरक्षा के नाम पर लोगों की हत्या मंजूर नहीं की जा सकती।
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साबरमती में महात्मा गांधी के गुरु श्रीमद् राजचंद्रजी की 150वीं जयंती और साबरमती आश्रम की स्थापना के एक सौ वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोह में मोदी ने कहा, क्या गाय के नाम पर हमें किसी इंसान को मारने का हक मिल जाता है? क्या यह गो-भक्ति है? क्या यह गोरक्षा है? ये गांधीजी, विनोबाजी का रास्ता नहीं हो सकता। अहिंसा हम लोगों का जीवन धर्म रहा है। हम कैसे आपा खो रहे हैं? गाय के नाम पर इंसान को मार दें?

मोदी ने कहा कि किसी भी पुरुष या महिला को इस देश का कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।  हिंसा करना राष्ट्रपिता के आदर्श के खिलाफ है।  हिंसा से न कोई समस्या सुलझी और न आगे सुलझेगी। समाज में हिंसा की कोई जगह नहीं हो सकती। आइए मिलजुलकर काम करें। महात्मा गांधी के सपने को साकार करें। ऐसा भारत बनाएं जिस पर हमारे स्वतंत्रता सेनानी गर्व करें।
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 मोदी ने कहा कि देश के मौैजूदा माहौल से उन्हें बड़ी पीड़ा हुई है। उन्होंने कहा, हम अस्पताल में कोई पेशेंट बचा न पाएं, विफल हो जाएं, दवाई कारगर न मिले और मरीज की मौत हो जाए तो क्या अचानक परिवारजन अस्पतालों को आग लगा देंगे और डॉक्टरों से मारपीट करेंगे। हम क्या कर रहे हैं? इन चीजों को बढ़ावा मिल रहा है। मौजूदा हालात पर पीड़ा होती है। कहीं दो वाहन टकरा गए। एक की मौत हो जाए तो हम आमने-सामने हो जाते हैं। गाड़ियां चला देते हैं। 
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गाय की कहानी सुनाते हुए भावुक हुए मोदी 

पीएम ने कहा, यह अहिंसा की धरती है, महात्मा गांधी की धरती है। हम यह बात क्यों भूल जाते हैं। मोदी ने कहा कि अगर किसी ने गलत किया है तो कानून उसके खिलाफ काम करेगा, देश में किसी भी शख्स को कानून अपने हाथ में लेने का हक नहीं है। हिंसा किसी चीज का समाधान नहीं है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ अरसे से गोरक्षा के नाम पर हिंसक भीड़ के हमलों को लेकर पीएम की चुप्पी को लेकर खासी आलोचना हुई थी। ईद से एक दिन पहले फरीदाबाद में 17 वर्षीय जुनैद खान की हिंसक भीड़ द्वारा हत्या के बाद में लोगों की नाराजगी बढ़ने लगी थी। जुनैद की हत्या के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर लोगों ने प्रदर्शन कर इस घटना पर नाराजगी जताई थी। 

मोदी ने सुनाई गाय से जुड़ी कहानी 
मोदी ने अपने भाषण के दौरान गाय से जुड़ी बचपन की एक कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि किस तरह उनके गांव में जब एक गाय के पैर से कुचल कर एक बच्चे की मौत हो गई तो उसने पीड़ित परिवार के घर के सामने खाना-पीना छोड़ कर अपनी जान दे दी। मोदी ने कहा कि एक गाय प्रायश्चित में अपना शरीर छोड़ देती है और वहीं जब उसके नाम पर हिंसा होती है तो उन्हें बहुत तकलीफ होती है। 

मोदी गाय के प्रायश्चित की कहानी सुनाते हुए भावुक हो गए। बड़ी मुश्किल से उन्होंने अपनी भावनाओं को काबू किया और कहानी पूरी की। 
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