प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने जापानी समकक्ष शिंजो अबे के साथ आज देश की पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे। इसके बाद हवा से फर्राटे भरने वाली देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) पर काम शुरु हो जायेगा।
मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन की बुनियाद के करीब 10 हजार लोग गवाह बनने जा रहे हैं। आयोजन के लिये गुजरात के साबरमती साबरमती रेलवे स्टेडियम को दुलहन की तरह सजाया गया है। वहीं, पूरे प्रोग्राम के लाइव टेलिस्टकॉट के लिये बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगायी गयी है।
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उधर, गुजरात का अहमदाबाद शहर दो प्रधानमंत्रियों की दोस्ती का गवाह बना है। मुख्य सड़कों के साथ सभी सार्वजनिक स्थल मोदी व अबे के बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हुये हैं। इस पर उच्च गति राष्ट्र की उन्नति का स्लोगन लिखा है।
दिलचस्प यह कि दोनों प्रधानमंत्रियों की हाथ मिलाती होर्डिंग को भी इस तरह बनाया गया है, जिसमें उनके रिश्तों की गर्मजोशी साफ झलकती है। स्टेडियम के साथ मंच पर भी इसी तरह के तस्वीरें आम हैं।
हाई प्रोफाइल आयोजन के लिये सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
- फोटो : ANI
हाई प्रोफाइल आयोजन के लिये सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम भी हैं। गुजरात पुलिस के साथ अद्र्धसैनिक बल और एसपीजी के कमांडो तैनात किए गए हैं। वाटर प्रूफ पंडाल में मंच में ही आधारशिला रखी गयी है। यहीं से दोनों प्रधानमंत्री बृहस्पतिवार को प्रोजेक्ट की नींव रखेंगे।
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मन भावन रंगों से बने मंच पर भारत, जापान के राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व शिंजो आबे की तस्वीरें लगी हैं। जापानी दूतावास के अधिकारियों के अलावा मंच पर गुजरात के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, रेल मंत्री पीयूष गोयल भी इस दौरान मौजूद रहेंगे। स्थानीय लोगो में इसे लेकर काफी उत्साह दिख रहा है। खासकर पर्यटक व व्यापारी वर्ग इस प्रोजेक्ट से खुश है।
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर एक नजर
-पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर), अधिकतम स्पीड 320 किमी प्रति घंटे।
-लंबाई करीब 508 किमी। 351 किमी का सफर गुजरात में और 156 किमी का सफर महाराष्ट्र में। दो किमी का ट्रैक केंद्र शासित प्रदेश दादर और नागर हवेली में।
-ज्यादातर हिस्सा एलीवेटेड, सिर्फ 4.8 किमी टनल से गुजरेगी ट्रेन।
-रास्ते में 21 नदियों, 70 हाइवे, तीन प्रस्तावित एक्सप्रेस व 30 रेलवे ट्रैक को ट्रेन करेगी पार। बीच रास्ते पड़ेंगे 173 बड़े व 201 छोटे ब्रिज।
-कुछ स्टेशनों पर रूकने से सफर 2.07 घंटे में और सभी 12 पर रूकने से लगेगा 2.58 घंटे।
-भारतीय रेलवे और जापान की फर्म शिंकासेन टेक्नॉलजी का संयुक्त प्रोजेक्ट। अनुमानित खर्च करीब 1.05 लाख करोड़ रुपये।
-विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा जैसे उपनगरीय इलाकों का होगा विकास