प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौजूदा दौर में सोशल मीडिया की समस्याओं और साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती माना है। उन्होंने सोमवार को देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों से सर्वोच्च प्राथमिकता स्तर पर इन समस्याओं से निपटने की अपील की।
बीएसएफ एकेडमी में देश के डीजीपी और आईजीपी के सालाना सम्मेलन के समापन दिवस पर पीएम मोदी ने कहा कि अवैध वित्तीय लेनदेन की जानकारी का साझा करने को लेकर वैश्विक सहमति बन रही है और भारत इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है। साइबर सुरक्षा के मसले का तत्काल हल निकालना होगा और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने इस संदर्भ में सोशल मीडिया के महत्व का भी विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के मैसेज का असर व्यापक करने के लिए इन्हें स्थानीय भाषाओं में भी प्रसारित करना चाहिए। युवाओं के उग्र सुधारवादी रवैये का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए शीर्ष पुलिस अधिकारियों को तकनीकी का इस्तेमाल करना होगा। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में राज्य पुलिस बल और केंद्रीय पुलिस संगठनों के लगभग 258 शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत कृत्रिम नहीं बल्कि एक स्वाभाविक देश है। उन्होंने राज्यों के पुलिस अधिकारियों से अवैध वित्तीय लेनदेन की जानकारी का खुल कर साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया में खुलेपन की स्वीकार्यता बढ़ रही है इसलिए राज्यों को भी सुरक्षा मसलों पर अधिक से अधिक खुलापन प्रदर्शित करना होगा। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री हंसराज अहीर और किरेन रिजिजू भी मौजूद थे।
अलग-थलग रहकर नहीं मिल सकती सुरक्षा
मोदी ने कहा कि सुरक्षा अकेले या अलग-थलग रहकर नहीं मिल सकती। हर किसी को अधिक से अधिक सुरक्षा देने के लिए वर्जनाओं को तोड़ना होगा और राज्यों के बीच सूचनाओं की साझेदारी बढ़ानी होगी। देश के समक्ष बढ़ती चुनौतियों और जिम्मेदारियों को देखते हुए इस तरह का सम्मेलन अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।