कांग्रेस के घोषणापत्र पर ये बोले पीएम
कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी ने परमाणु ऊर्जा संयंत्र के खिलाफ आंदोलन करने वाले 6000 से ज्यादा लोगों को देशद्रोह के कानून में जेल भेज दिया क्यों? आज वह दुनिया को उपदेश दे रही है। आप चाहेंगे कि देश के टुकड़े होंगे जैसी बातों को बल मिले? आप चाहते हैं कि भारत के तिरंगे झंडे को कोई रौंद दे, राष्ट्रगान का अपमान करे? आंबेडकर की मूर्ति तोड़ दे? इन चीजों को रोकने के लिए क्या करोगे?'
आगे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की भूमिका क्या होगी?
'आने वाली सरकार में अमित शाह सरकार में नंबर दो के पद पर रहेंगे' इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शाह एक-डेढ़ साल से राज्यसभा के सदस्य थे। यदि वह सरकार में आना चाहते तो आ सकते थे। तब भी मंत्री बन सकते थे। यह बेकार की बाते हैं।
जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा की सरकार मिलावटी
प्रधानमंत्री ने जम्मू कश्मीर में पीडीपी के समर्थन से सरकार बनाने को लेकर कहा, 'जिस दिन हमने गठबंधन किया उस समय मुफ्ती मोहम्मद सईद साहब थे, वह एक वरिष्ठ, अनुभवी और परिपक्व नेता थे। वह चीजों को समझते थे। हमारी विचारधाराएं अलग थीं। एक प्रकार से मिलावट वाला ही कार्यक्रम था हमारा। किसी परिस्थिति में यह सरकार बन ही नहीं सकती थी। यदि नेशनल कांफ्रेंस उस समय मुफ्ती साहब को सहयोग दे देती तो हम विपक्ष में रहने के लिए तैयार थे। हमने इसका इंतजार किया और तीन महीने तक सरकार नहीं बनाई।'
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'हमने सरकार को चलाने की कोशिश की और कई अच्छे काम भी किए। मगर मुफ्ती साहब चले गए। अब महबूबा जी के साथ काम करना था। महबूबा के काम करने का तरीका अलग था। फिर एक महत्वपूर्ण मुद्दा आया जिसके कारण सरकार टूटी। हमारा साफ तौर पर यह मानना था कि जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकाय, पंचायत, नगरपालिका के चुनाव होने चाहिए। वहां की जनता को अपना कारोबार करने का हक दिया जाना चाहिए।'