विमानन शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय विमानन क्षेत्र ने पिछले दशक में ऐतिहासिक विकास देखा है। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत में 400 से अधिक हवाई अड्डे होंगे। देश ग्लोबल साउथ और दुनिया के बीच अहम हवाई गेटवे बनेगा। निवेशकों के लिए विमानन में बड़े अवसर हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विमानन शिखर सम्मेलन में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में निवेश का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारतीय विमानन क्षेत्र ने ऐतिहासिक रूप से बदलाव और विकास देखा है। उन्होंने बताया कि भारत आने वाले वर्षों में दुनिया के प्रमुख विमानन केंद्रों में शामिल होगा। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में 2047 तक भारत में 400 से अधिक हवाई अड्डे होंगे। यह संख्या न सिर्फ यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और व्यापार को भी मजबूती देगी।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत अब सिर्फ घरेलू यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्लोबल साउथ और दुनिया के बाकी हिस्सों के बीच एक बड़ा हवाई गेटवे बन रहा है। इसका मतलब है कि भारत अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में भी अहम भूमिका निभाएगा।
निवेशकों और विमानन की ओर ध्यान देने पर जोर
उन्होंने बताया कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और वैश्विक ऊर्जा मांग और आपूर्ति में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के बड़े अवसरों की जानकारी दी, जिसमें खोज और उत्पादन में लगभग 100 अरब डॉलर, कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) में 30 अरब डॉलर और गैस-आधारित इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल एकीकरण और समुद्री उद्योग शामिल हैं।
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पीएम मोदी ने नवाचार पर दिया जोर
गौरतलब है कि इस उच्चस्तरीय बैठक में टोटलएनर्जीज, बीपी, विटोल, एचडी हुंडई, एकर, लैंज़ाटेक, वेदांता, इंटरनेशनल एनर्जी फोरम, ट्रैफिगुरा, रीन्यू, एमओएल जैसी कंपनियों के 27 सीईओ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसके साथ ही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राज्य मंत्री सुरेश गोपी और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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