है बहुत अंधियारा अब सुरज निकलना चाहिए....आज राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के दौरान पीएम मोदी का शायराना अंदाज दिखा। पीएम मोदी ने विपक्ष पर हमला करते हुए कवि गोपाल दास नीरज की कविताएं पढ़ी...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने आपातकाल से लेकर दूरदर्शन पर देवानंद की फिल्म तक सभी मुद्दों बारी-बारी से चर्चा कर विपक्ष को आड़े हाथ लेने की कोशिश की। साथ ही संसद में पीएम मोदी का शायराना अंदाज भी चर्चा का विषय रहा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधने के लिए एक से बढ़कर एक पंक्तियां पढ़ी।
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पीएम मोदी ने संसद में पढ़ी कविताएं
संसद में विपक्ष पर कटाक्ष करने के लिए पीएम मोदी ने गोपाल दास नीरज की कविता का जिक्र करते हुए कहा कि...
है बहुत अंधियारा, अब सुरज निकलना चाहिए..
जिस तरह से भी हो बस ये मौसम बदलना चाहिए....।।
'फिर दीप जलेगा'
पीएम मोदी ने आगे कहा कि 1970 जब चारो ओर कांग्रेस ही कांग्रेक का राज चलता था तब फिर गोपाल दास नीरज का एक और कविता प्रकाशित हुआ था। 'फ़िर दीप जलेगा'.. पीएम मोदी ने उस पंक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि...
'मेरे देश उदास न हो, फिर दीप जलेगा, तिमिर ढलेगा'
इसके बाद पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज से 40 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि
सूरज निकलेगा, अंधेरा छटेगा, कमल खिलेगा'
कांग्रेस के मॉडल में फैमिली फर्स्ट सर्वोपरि रहा'
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इसके साथ ही शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि ये उनकी सोच, समझ के बाहर है और रोडमैप में भी सूट नहीं करता। इतना बड़ा दल एक परिवार के लिए समर्पित हो गया है। उसके लिए ये संभव ही नहीं है। कांग्रेस के मॉडल में फैमिली फर्स्ट सर्वोपरि रहा है।
पीएम ने कहा कि देश की जनता ने हमें तीसरी बार लगातार सेवा का मौका दिया। ये बताता है कि देश की जनता ने हमारे विकास के मॉडल को परखा है, समझा है और समर्थन दिया है। हमारा ये मॉडल एक शब्द में कहना हो तो कहूंगा- नेशन फर्स्ट। पीएम मोदी ने कहा कि, इसी उम्दा भावना के साथ वाणी-वर्तन, नीतियों में इसी एक बात को मानदंड मानकर सेवा करने का प्रयास किया है।