प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (10 फरवरी) को लोकसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने कृषि कानूनों का जिक्र किया तो कांग्रेस सांसद हंगामा करने लगे। ऐसे में पीएम मोदी संसद में गरजने लगे। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील समाज के लिए कुछ कानून बेहद जरूरी होते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि कानून अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक हैं। कानून थोपे नहीं जाते, बल्कि जनकल्याण के लिए बनाए जाते हैं। बाल विवाह निषेध कानून और दहेज विरोधी कानून किसी ने मांगे नहीं थे। इन्हें प्रगतिशील समाज के लिए बनाया गया है।