प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विदेश नीति की सफलता की सराहना की। साथ ही अपनी जिम्मेदारियों और इससे संबंधित कार्यों पर उनसे सुझाव और मार्गदर्शन हासिल किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात की। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का भारत सम्मान और गरिमा के साथ बराबरी के स्तर पर दुनिया के साथ संवाद करता है। पीएम मोदी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया कि कैसे विश्व स्तर पर देश की धारणा बदल रही है?
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पीएम ने लोक कल्याण मार्ग पर 15 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 36 आईएफएस अधिकारी से मुलाकात के दौरान आगे बढ़ने का मंत्र दिया। प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विदेश नीति की सफलता की सराहना की। साथ ही अपनी जिम्मेदारियों और इससे संबंधित कार्यों पर उनसे सुझाव और मार्गदर्शन हासिल किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कि वह जहां भी तैनात रहें उन्हें गर्व के साथ देश की संस्कृति का ध्यान रखना चाहिए और जहां भी मौका मिले उसका प्रदर्शन करने का प्रयास करना चाहिए। मोदी ने अधिकारियों से व्यक्तिगत आचरण सहित जीवन के सभी क्षेत्रों में औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त रहने और खुद को देश के गौरवशाली प्रतिनिधियों के रूप में पेश करने की सलाह दी।
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प्रधानमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया कि कैसे भारत ने अन्य देशों की तुलना में कोविड महामारी का मुकाबला किया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि वे विदेशों में अपनी तैनाती के दौरान भारतीय प्रवासियों के साथ अपने जुड़ाव का विस्तार करें।