भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे से मुलाकात की। थेरेसा के पीएम बनने के बाद पहली मुलाकात में मोदी ने उनके समक्ष ब्रिटेन की वीजा नीति के मुद्दे को उठाया। उन्होंने ब्रिटिश पीएम से कहा कि नई वीजा नीति भारतीयों पेशेवरों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। पीएम मोदी ने इस बात का उल्लेख किया कि ईयू से अलग होने के बाद भी भारत ब्रिटेन का ‘महत्वपूर्ण साझेदार’ बना रहेगा।
विदेश विभाग के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग आगे बढ़ाने पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन की वीजा नीति के मुद्दे को भी उठाया। पीएम मोदी ने विशेष रूप से कहा कि यूके का नया नियम अल्प अवधि के लिए ब्रिटेन जाने वाले नए भारतीय पेशेवरों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
स्वरूप ने कहा कि बैठक के दौरान मोदी ने आतंकवाद की चुनौती पर बातचीत की और कहा कि यह दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है जो सीमाओं को नहीं मानता। पीएम मोदी ने ब्रिटिश कंपनियों को ‘मेक इन इंडिया’ के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने व्यापार और निवेश साझेदारी को आगे मजबूती प्रदान करने के लिए ब्रिटिश पीएम के सुझाव मांगे।
ब्रिटिश पीएम ने मेक इन इंडिया, स्मार्ट शहर और स्किल इंडिया पहल में हिस्सेदारी की इच्छा जताई। स्वरूप ने बताया कि पीएम मोदी ने ब्रिटिश पीएम को भारत आने का न्योता दिए जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। ब्रिटिश पीएम ने कहा कि वह जितनी जल्दी संभव हो भारत का दौरा करना चाहेंगी।