प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने आवास पर एक बैठक कर 100 दिन के एजेंडे को अंतिम रूप दिया है। अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट से पहले पीएम मोदी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देना चाहते हैं। इसी संबंध में पीएम मोदी ने वित्त और अन्य मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस उच्च स्तरीय बैठक में कम से कम समय में देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को ध्यान रखते हुए सरकार के पांच साल के एजेंडे को स्पष्ट किया गया।
बता दें कि वित्त वर्ष 2019-20 का पूर्ण बजट पांच जुलाई को पेश किया जाना है। मोदी ने उससे पहले शीर्ष अधिकारियों के साथ विचार विमर्श शुरू किया है। इन विचारों को बजट में शामिल किया जा सकता है। माना जा रहा है कि मोदी के नेतृत्व में नई सरकार जहां विनिर्माण में निवेश को प्रोत्साहन देने का प्रयास करेगी वहीं वह आगामी बजट में कृषि क्षेत्र की परेशानियों को दूर करने और किसानों की आय बढ़ाने के कदम भी उठाएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले बजट में अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार, फंसे कर्ज में वृद्धि और गैर-बैंकिग वित्तीय कंपनियों के नकदी संकट जैसी वित्तीय क्षेत्र की मुश्किलों, रोजगार सृजन, निजी निवेश, निर्यात पुनरोद्धार और कृषि संकट समेत अन्य मुद्दों से निपटने के लिए कदम उठाए जाने की उम्मीद है।