भारत-पाकिस्तान सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन के कारण जारी भारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पखवाड़े के अंदर लगातार दूसरी बार सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की। मंगलवार को करीब दो घंटे तक चली बैठक में हालात की समीक्षा की गई। एनएसए और सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री को वर्तमान स्थिति की जानकारी दी।
बैठक में घुसपैठ की कोशिशों से सख्ती से निपटने और संघर्ष विराम उल्लंघन का माकूल जवाब देने पर सहमति बनी है। गौरतलब है कि उड़ी में आर्मी कैंप पर हुए हमला मामले में पाकिस्तान को सर्जिकल अटैक के जरिए सबक सिखाए जाने के बाद सीमा पर तनाव का माहौल है। हालात की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री ने बीते दो नवंबर को गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, एनएसए, रक्षा सचिव, आईबी और रॉ के मुखिया के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की थी।
प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने इसे एक रूटीन बैठक बताया। सूत्रों केमुताबिक इस दौरान सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने अलग-अलग प्रधानमंत्री को पश्चिमी सीमा की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग ने संघर्ष विराम उल्लंघन मामले में प्रधानमंत्री को स्थिति की जानकारी दी, जबकि एनएसए डोभाल ने कश्मीर की वर्तमान स्थिति से पीएम मोदी को अवगत कराया। इस दौरान खासतौर पर घाटी में स्कूलों को निशाना बनने से बचाने के उपायों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री को संघर्ष विराम उल्लंघन मामले में जवाबी कार्रवाई से भी अवगत कराया गया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान घुसपैठ से निपटने के लिए हर संभव सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि उड़ी आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को सर्जिकट अटैक केजरिए सबक सिखाया था। इसके बाद से ही सीमा पर भारी तनाव व्याप्त है।