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PM Modi Meet: पीएम मोदी का अफसरों को सख्त संदेश, कहा- हर नीति के केंद्र में हो जनता; विकसित भारत पर क्या बोले?

Tue, 28 Jul 2026 10:20 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के शीर्ष नौकरशाहों के साथ बैठक में साफ कहा कि शासन का केंद्र हमेशा आम नागरिक होना चाहिए। उन्होंने मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल, स्वदेशी तकनीक, ऊर्जा आत्मनिर्भरता, साइबर सुरक्षा और युवाओं की भागीदारी पर भी जोर दिया। पीएम मोदी ने अधिकारियों को कौन-कौन से निर्देश दिए और विकसित भारत के लिए क्या रोडमैप बताया? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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पीएम मोदी ने सचिवों की बैठक में क्या-क्या कहा? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन का केंद्र हमेशा देश की जनता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की हर नीति और हर फैसला आम नागरिक के हितों और उसकी आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को तेजी से हासिल करने के लिए वित्त, अर्थव्यवस्था, वाणिज्य, उद्योग और प्रौद्योगिकी से जुड़े मंत्रालयों के कामकाज और आगे की कार्ययोजना की समीक्षा भी की।
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बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि सचिवों के साथ वित्त, अर्थव्यवस्था, वाणिज्य, उद्योग और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि नागरिक केंद्रित शासन को मजबूत बनाने, बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने, स्वदेशी तकनीकों के विकास और प्रमुख क्षेत्रों में युवा उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया। प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और विभागों के बीच टीम भावना से काम करने और साझा उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया।

क्या मंत्रालयों के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया गया?

प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों से कहा कि सरकार के भीतर विभागों के बीच मौजूद क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दीवारों को तोड़ना जरूरी है, ताकि सभी मंत्रालय और विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और बेहतर परिणाम दे सकें। उन्होंने टीम निर्माण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अलग-अलग विभागों के बजाय पूरी सरकार को एक टीम की तरह काम करना चाहिए। उनके अनुसार, बेहतर समन्वय से नीतियों का असर भी अधिक प्रभावी होगा।

ऊर्जा, तकनीक और साइबर सुरक्षा को लेकर क्या कहा?

  • प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश कर रहा है, लेकिन इसके साथ स्वदेशी तकनीकों के विकास को भी समान प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
  • उन्होंने तकनीकी आत्मनिर्भरता और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में घरेलू क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
  • उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से जुड़ी है।
  • इसलिए नवाचार, विविधीकरण और क्षमता विस्तार के जरिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करनी होगी।
  • उन्होंने कहा कि तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है और उभरते साइबर खतरों के प्रति लगातार सतर्क रहना होगा।

सुधार, युवाओं की भागीदारी और संवाद पर क्या निर्देश दिए?

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सुधार केवल एक प्रचलित शब्द नहीं, बल्कि प्रभावी शासन की निरंतर आवश्यकता है। उन्होंने प्रक्रियाओं में सुधार, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने और संस्थागत दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि यह एक राष्ट्रीय अभियान का रूप ले सके। इसके साथ ही उन्होंने रणनीतिक क्षेत्रों में सरकार की बड़ी पहलों के बारे में सक्रिय संवाद बढ़ाने की बात कही, ताकि गलत सूचनाओं और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी तरीके से जवाब दिया जा सके। प्रधानमंत्री ने उद्योगों के साथ मिलकर नए शैक्षणिक पाठ्यक्रम तैयार करने की भी आवश्यकता बताई, जिससे भविष्य के उद्योगों के लिए कुशल कार्यबल तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार को हमेशा युवा सोच, गतिशीलता और नई चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता बनाए रखनी चाहिए।
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