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354 किमी लंबा है पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमान भी कर सकते हैं लैंड

Sat, 14 Jul 2018 06:51 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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purvanchal expressway
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे की आधारशिला रखी। 354 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जरिए लखनऊ और गाजीपुर जुड़ जाएंगे। हालांकि इस परियोजना की आधारशिला उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रखी थी लेकिन उस वक्त इस परियोजना के लिए जरूरी जमीन हिस्से का अधिग्रहण नहीं हो पाया था। जिसकी वजह से मौजूदा सरकार ने इस योजना को रद्द कर दिया था। इसके बाद अब कुछ बदलावों के साथ इस प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू किया गया है, आइए जानते हैं देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस वे की खासियत।  

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- यह एक्सप्रेस-वे 6 लेन चौड़ा बनने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक भविष्य में इसके 8 लेन तक के विस्तारीकरण की भी योजना है। 

- इस एक्सप्रेस-वे की अनुमानित लागत 23,349 करोड़ रुपये आंकी गई है। सिविल निर्माण कार्य की अनुमानित लागत 11,836 करोड़ रुपये (बिना जीएसटी के) बताई जा रही है। 

- यूपी की जनता को इस एक्सप्रेस-वे से सबसे ज्यादा फायदा होगा, इसको क्रॉस करने वाले रास्तों पर 10 किमी दूरी तक के गांवों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा। 
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- इस एक्सप्रेस-वे के रास्ते में यूपी के 9 जनपद आएंगे, लखनऊ से होते हुए यह एक्सप्रेस-वे बाराबंकी, अमेठी, फैजाबाद, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, आजमगढ़ और मऊ होते हुए गाजीपुर तक पहुंचेगा। 

- इस एक्सप्रेस-वे के रास्ते में यूपी के 9 जिले आएंगे, लखनऊ से होते हुए यह एक्सप्रेस-वे बाराबंकी, अमेठी, फैजाबाद, सुल्तानपुर,अंबेडकरनगर, आजमगढ़ और मऊ होते हुए गाजीपुर तक पहुंचेगा। 

- इस एक्सप्रेस-वे को एक अलग लिंक रोड के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से भी जोड़ा जाएगा। 

- मौजूदा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेस एक विशाल गलियारा बन जाएगा। जिसकी मदद से उत्तर प्रदेश पश्चिमी सीमा से जुड़ जाएगा, इसका फायदा उत्तर प्रदेश को बड़े स्तर पर होने के अनुमान हैं। 

- एक्सप्रेस-वे पर कुल सात रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जाना है। इसके अलावा 7 बड़े और 112 छोटे पुलों का निर्माण भी किया जाएगा। 

- पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर 11 इंटरचेंज और सात टोल प्लाजा का निर्माण किया जाएगा। 

-आपातकालीन स्थिति के लिए सुल्तानपुर में 3.2 किमी लंबी हवाई पट्टी के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जहां भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की लैंडिग व टेक ऑफ कराया जा सकेगा। 
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- योजना के अनुसार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण 36 महीने यानी कि साल 2021 तक किया जाना है। 

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