सांसदों की अनुपस्थिति पर प्रधानमंत्री मोदी हुए नाराज
- फोटो : Reuters
संसद के दोनों सदनों में मंत्रियों और सांसदों की गैरहाजिरी से सरकार की लगातार हो रही किरकिरी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा संज्ञान लिया है। कार्यवाही शुरू होने से पूर्व संसदीय मंत्रियों के साथ प्रतिदिन होने वाली रूटीन बैठक में इस संदर्भ में संसदीय कार्य मंत्री वैंकेया नायडू ने कैफियत मांगी। प्रधानमंत्री खासतौर पर दोनों संसदीय कार्य राज्य मंत्री से नाराज हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा की अनुपस्थिति से सरकार को शर्मशार होना पड़ा। इससे पहले सोमवार को चर्चा के दौरान लोकसभा में ही एक भी केंद्रीय मंत्री के उपस्थित न होने के कारण सरकार को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। इसके अलावा इस सत्र के दौरान पार्टी के ही कई सांसदों ने मंत्रियों पर निशाना साध कर सरकार की फजीहत कराई तो कई बार कोरम का अभाव भी मुद्दा बना।
बताते हैं कि बैठक में पीएम मोदी ने एक संसदीय कार्य राज्य मंत्री से पूछा कि उनके विपक्ष में कितने दोस्त हैं। संबंधित मंत्री इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। दरअसल प्रधानमंत्री राज्यसभा में विपक्ष की घेरेबंदी को तोडने के लिए गंभीर प्रयास न होने के कारण भी नाराज हैं। बैठक में प्रधानमंत्री ने मंत्रियों-सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि पार्टी की संसदीय दल की बैठक में भी पीएम मोदी कई बार सांसदों और मंत्रियों को सदन की कार्यवाही में दिलचस्पी लेने के प्रति आगाह किया है।
कब-कब हुई किरकिरी
-बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान रेल राज्य मंत्री की अनुपस्थिति बना मुद्दा
- मंगलवार को सदन में एक भी केंद्रीय मंत्री के उपस्थित न होने पर घिरी सरकार
- मंगलवार को लोकसभा में पीएम मोदी थे मौजूद मगर संसदीय कार्य राज्य मंत्री थे गायब
- पार्टी सांसद भोला सिंह ने सरकार की पाकिस्तान नीति और रिलायंस के प्रति नरम रुख अपनाने पर उठाए सवाल
- पार्टी सांसद राजकुमार सिंह ने गृह मंत्री और नागरिक उड्डयन मंत्री को सदन में घेरा
- पार्टी सांसद हुकुम सिंह ने कृषि मंत्री राधामोहन ङ्क्षसह को घेरा