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PM Modi In NITI Aayog Meet: विभिन्न राज्यों के CM से मिले PM मोदी, स्टालिन ने केंद्रीय करों में मांगा हिस्सा

Sat, 24 May 2025 04:54 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नीति आयोग की दसवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता की। इसमें 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप पर विचार-विमर्श किया गया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह प्रधानमंत्री की सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बड़ी बैठक है।

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पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक शनिवार को हुई। गवर्निंग काउंसिल की बैठक में 'विकसित राज्य के लिए विकसित भारत@2047' विषय पर चर्चा हुई। बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को छोड़कर अधिकांश राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। सभी ने अपने-अपने प्रस्ताव रखे। पीएम मोदी ने तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री से मुलाकात की। वहीं स्टालिन ने केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।

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नीति आयोग की सर्वोच्च संस्था परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी नीति आयोग के अध्यक्ष हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री की सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ यह पहली बड़ी बैठक है। आम तौर पर पूर्ण परिषद की बैठक हर साल होती है और पिछले साल यह 27 जुलाई को हुई थी। परिषद की पहली बैठक 8 फरवरी, 2015 को हुई थी।
पंजाब, झारखंड, तेलंगाना के सीएम से पीएम मोदी ने की मुलाकात 
नीति आयोग की बैठक के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने पंजाब के सीएम भगवंत मान, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, मेघालय के सीएम कोनराड संगमा, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की। 
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने की केंद्रीय करों में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग 
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने नीति आयोग की बैठक में केंद्र से केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग की। साथ ही राज्य में एक समर्पित शहरी परिवर्तन मिशन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कि हमें वादा किए गए 41 प्रतिशत के मुकाबले वर्तमान में केवल 33.16 प्रतिशत ही प्राप्त हो रहे हैं। अमृत 2.0 की तर्ज पर, मैंने एक समर्पित शहरी परिवर्तन मिशन की आवश्यकता पर बल दिया, क्योंकि तमिलनाडु भारत में सबसे अधिक शहरीकृत राज्य है। मैंने कावेरी, वैगई और थामिराबारानी के लिए स्वच्छ गंगा-शैली की परियोजना का आग्रह किया, जिसमें राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय गौरव के लिए अंग्रेजी में नाम हों।


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आंध्र प्रदेश के सीएम ने विकासशील भारत-2047 को तेजी से आगे बढ़ाने का दिया प्रस्ताव
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने नीति आयोग की बैठक में जीडीपी वृद्धि, जनसंख्या प्रबंधन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का लाभ उठाने पर तीन उप-समूह बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्यों के उप-समूहों को विकसित भारत-2047 के विजन को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए।

नायडू ने कहा कि जीडीपी वृद्धि पर पहले उप-समूह का उद्देश्य पीपीपी परियोजनाओं के लिए केंद्रीय व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण द्वारा समर्थित निवेश, विनिर्माण, निर्यात और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। जनसंख्या प्रबंधन पर दूसरे उप-समूह को भारत को अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने में मदद करनी चाहिए, साथ ही देश को वृद्धावस्था और कम प्रजनन क्षमता जैसी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना चाहिए। तीसरे उप-समूह को प्रौद्योगिकी-संचालित शासन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिसमें वास्तविक समय के नागरिक-केंद्रित प्रशासन के लिए एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाना चाहिए। 
 

तेलंगाना ने छह महानगरों की क्षमता का दोहन के लिए राष्ट्रीय कार्य बल बनाने का रखा प्रस्ताव
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने छह महानगरों मुंबई, दिल्ली, बंगलूरू, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद की क्षमता का दोहन करने के लिए प्रधानमंत्री और संबंधित मुख्यमंत्रियों के अधीन एक राष्ट्रीय कार्य दल की स्थापना का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि ये छह शहर आर्थिक वृद्धि, नवाचार और रोजगार सृजन के इंजन के रूप में काम करते हैं। ये शहर न केवल आर्थिक केंद्र हैं, बल्कि प्रतिभा, निवेश और तकनीकी उन्नति के केंद्र भी हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई और दिल्ली राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में क्रमशः 25.8 लाख करोड़ रुपये और 24.5 लाख करोड़ रुपये का योगदान करते हैं, जबकि अपने छोटे आकार के बावजूद तेलंगाना राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 2.5 प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य 2047 तक देश के राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में आठ प्रतिशत का योगदान करना है।

ओडिशा अगले 25 वर्षों तक भारत का विकास इंजन रहेगा : माझी
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि अगले 25 वर्षों में देश की विकास यात्रा में ओडिशा विकास इंजन होगा। उन्होंने कहा कि राज्य 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की आकांक्षा रखता है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 2024-25 में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ सभी प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। इसी अवधि के दौरान राज्य 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।

अरुणाचल के सीएम ने विकसित भारत विजन का किया समर्थन
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पिछले एक दशक में राज्य की उल्लेखनीय सामाजिक-आर्थिक प्रगति का जिक्र किया और 2047 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने में राज्य महत्वपूर्ण भूमिका का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रमुख विकास संकेतक पेश किए। इनमें सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 11.01 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि, बहुआयामी गरीबी में 24.85% से 13.76% तक की महत्वपूर्ण कमी तथा 2014-15 से जीएसडीपी में 166% की वृद्धि और राज्य के स्वयं के संसाधनों में 321.8% की वृद्धि के रूप में परिलक्षित मजबूत राजकोषीय अनुशासन शामिल है। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े अरुणाचल प्रदेश के तेजी से सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को दर्शाते हैं जो प्रभावी शासन और मजबूत केंद्रीय समर्थन से प्रेरित है।

स्टालिन का हुआ स्वागत
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। स्टालिन का राष्ट्रीय राजधानी में टीआर बालू के नेतृत्व में डीएमके नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया गया। स्टालिन ने बाद में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी व राहुल गांधी से भी मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि सोनिया व राहुल से मिलना किसी यात्रा की तरह नहीं लगता। ऐसा लगता है कि वह परिवार के साथ हैं।
 
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पिछले साल 10 राज्यों ने नहीं लिया था बैठक में हिस्सा

बता दें कि नीति आयोग की शीर्ष संस्था गवर्निंग काउंसिल में सभी मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। पीएम मोदी नीति आयोग के अध्यक्ष हैं। पिछले साल नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने हिस्सा नहीं लिया था।

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