प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक शनिवार को हुई। गवर्निंग काउंसिल की बैठक में 'विकसित राज्य के लिए विकसित भारत@2047' विषय पर चर्चा हुई। बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को छोड़कर अधिकांश राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। सभी ने अपने-अपने प्रस्ताव रखे। पीएम मोदी ने तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री से मुलाकात की। वहीं स्टालिन ने केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।
नीति आयोग की सर्वोच्च संस्था परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी नीति आयोग के अध्यक्ष हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री की सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ यह पहली बड़ी बैठक है। आम तौर पर पूर्ण परिषद की बैठक हर साल होती है और पिछले साल यह 27 जुलाई को हुई थी। परिषद की पहली बैठक 8 फरवरी, 2015 को हुई थी।
पंजाब, झारखंड, तेलंगाना के सीएम से पीएम मोदी ने की मुलाकात
नीति आयोग की बैठक के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने पंजाब के सीएम भगवंत मान, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, मेघालय के सीएम कोनराड संगमा, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने की केंद्रीय करों में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने नीति आयोग की बैठक में केंद्र से केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग की। साथ ही राज्य में एक समर्पित शहरी परिवर्तन मिशन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कि हमें वादा किए गए 41 प्रतिशत के मुकाबले वर्तमान में केवल 33.16 प्रतिशत ही प्राप्त हो रहे हैं। अमृत 2.0 की तर्ज पर, मैंने एक समर्पित शहरी परिवर्तन मिशन की आवश्यकता पर बल दिया, क्योंकि तमिलनाडु भारत में सबसे अधिक शहरीकृत राज्य है। मैंने कावेरी, वैगई और थामिराबारानी के लिए स्वच्छ गंगा-शैली की परियोजना का आग्रह किया, जिसमें राष्ट्रीय एकता और क्षेत्रीय गौरव के लिए अंग्रेजी में नाम हों।
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आंध्र प्रदेश के सीएम ने विकासशील भारत-2047 को तेजी से आगे बढ़ाने का दिया प्रस्ताव
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने नीति आयोग की बैठक में जीडीपी वृद्धि, जनसंख्या प्रबंधन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का लाभ उठाने पर तीन उप-समूह बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्यों के उप-समूहों को विकसित भारत-2047 के विजन को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए।
नायडू ने कहा कि जीडीपी वृद्धि पर पहले उप-समूह का उद्देश्य पीपीपी परियोजनाओं के लिए केंद्रीय व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण द्वारा समर्थित निवेश, विनिर्माण, निर्यात और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। जनसंख्या प्रबंधन पर दूसरे उप-समूह को भारत को अपने जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने में मदद करनी चाहिए, साथ ही देश को वृद्धावस्था और कम प्रजनन क्षमता जैसी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना चाहिए। तीसरे उप-समूह को प्रौद्योगिकी-संचालित शासन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिसमें वास्तविक समय के नागरिक-केंद्रित प्रशासन के लिए एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाना चाहिए।