काशी से लाया गया गंगाजल चोल साम्राज्य की विरासत को करता है सम्मानित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आज काशी से गंगाजल एक बार फिर यहां लाया गया है। उन्होंने कहा कि मैं काशी का जनप्रतिनिधि हूं और मेरा मां गंगा से विशेष जुड़ाव है। प्रधानमंत्री ने कहा कि चोल राजाओं के कार्य और उनसे जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएं एक भारत, श्रेष्ठ भारत के महायज्ञ को नई ऊर्जा नई शक्ति और नया उत्साह देती हैं। उन्होंने चोल सम्राटों की विरासत को भारत की एकता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।
बृहदेश्वर मंदिर में की पूजा
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि भगवान बृहदेश्वर के चरणों में पूजा करने का सौभाग्य मुझे मिला। मैंने 140 करोड़ देशवासियों की भलाई और भारत की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की है। मेरी कामना है कि सभी को भगवान शिव का आशीर्वाद मिले। यह मंदिर चोल वंश की स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है और पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का प्रतीक मानी जा रही है।