प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु के रूप में भारत की जिम्मेदारी दुनिया के मार्गदर्शन की है। उन्होंने श्री अरबिंदो की 150वीं जयंती पर 150 विश्वविद्यालयों को उनके जीवन और दर्शन के विभिन्न पहलुओं पर लेखन प्रतियोगिता कराने और उनमें से 150 लेखों को प्रकाशित करने का सुझाव दिया।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से श्री अरबिंदो की 150वीं जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए पीएम ने कहा कि उनके क्रांति और विकास के दर्शन के विशेष महत्व रखते हैं। स्मृति उत्सव में इस पर फोकस होना चाहिए।
उन्होंने राष्ट्रीय युवा दिवस पर पुड्डुचेरी से श्री अरबिंदो के स्मृति उत्सव समारोह की शुरुआत का प्रस्ताव भी रखा। श्री अरबिंदो ने 1910 से 1950 तक अपना जीवन पुड्डुचेरी में ही बिताया था। बैठक में समिति सदस्यों ने सुझाव दिया कि कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर पाठ्यक्त्रस्म में श्री अरबिंदो को शामिल किया जाए। उनकी समग्र शिक्षा की अवधारणा नई शिक्षा नीति का हिस्सा होनी चाहिए।