भारत और न्यूजीलैंड ने अपने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को संस्थागत रूप देने के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के साथ ही दोनों देशों ने आतंकवाद, अलगाववाद और कट्टरपंथी तत्वों के खिलाफ मिलकर काम करने पर सहमति जताई। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन को उनके देश में कुछ गैरकानूनी तत्वों के भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिए जाने पर अपनी चिंता से अवगत कराया।
पीएम मोदी ने भारत दौरे पर आए लक्सन के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने व्यापार, रक्षा, शिक्षा और कृषि के क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए विस्तृत वार्ता की। दोनों देशों ने शिक्षा, खेल, कृषि और जलवायु परिवर्तन सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए और रक्षा उद्योग क्षेत्र में सहयोग के लिए एक रोडमैप तैयार करने का फैसला किया। लक्सन के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने रक्षा एवं सुरक्षा साझेदारी को मजबूत एवं संस्थागत बनाने का फैसला लिया है। संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण, बंदरगाह यात्राओं के साथ-साथ रक्षा उद्योग में भी आपसी सहयोग के लिए एक रोडमैप बनाया जाएगा। दोनों पक्षों के बीच हस्ताक्षरित समझौतों में भारत के केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) और न्यूजीलैंड की सीमा शुल्क सेवा के बीच पारस्परिक मान्यता समझौते पर एक समझौता शामिल है। संयुक्त बयान में कहा गया है कि रक्षा समझौता समग्र रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा। समुद्री सुरक्षा के संदर्भ में, न्यूजीलैंड ने भारत के संयुक्त समुद्री बलों में शामिल होने का स्वागत किया।
आतंकी हमलों के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी
पीएम मोदी ने कहा कि हम दोनों आतंकवाद के खिलाफ एकमत हैं। चाहे वह 15 मार्च 2019 का क्राइस्टचर्च आतंकी हमला हो या 26 नवंबर 2008 का मुंबई हमला, किसी भी रूप में आतंकवाद अस्वीकार्य है। आतंकवादी हमलों के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। हम आतंकवादी, अलगाववादी और कट्टरपंथी तत्वों के खिलाफ मिलकर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में हमने न्यूजीलैंड में कुछ गैरकानूनी तत्वों के भारत विरोधी गतिविधियों के बारे में अपनी चिंता साझा की। भारत को विश्वास है कि उसे इन सभी गैरकानूनी तत्वों के खिलाफ न्यूजीलैंड सरकार से सहयोग मिलता रहेगा। संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने सभी देशों की ओर से संयुक्त राष्ट्र से प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल, निरंतर और ठोस कार्रवाई करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आतंकवाद के वित्तपोषण नेटवर्क और सुरक्षित पनाहगाहों को नष्ट करने, ऑनलाइन सहित आतंकी ढांचे को नष्ट करने और आतंकवाद के अपराधियों को शीघ्र न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया।
स्वतंत्र व सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हिमायती
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड एक स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करते हैं। हम विस्तारवाद की नहीं बल्कि विकास की नीति में विश्वास करते हैं। पीएम की टिप्पणी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के विस्तारवादी कदम पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच आई है। संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने एक ऐसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई, जहां संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाता है।
मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत से व्यापार और निवेश की संभावना बढ़ेगी
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने संतुलित, महत्वाकांक्षी, व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए वार्ता शुरू करने का स्वागत किया। पीएम मोदी ने कहा कि इससे इससे आपसी व्यापार और निवेश की संभावना बढ़ेगी। डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और फार्मा जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने डिजिटल भुगतान क्षेत्र में सहयोग के शीघ्र कार्यान्वयन का पता लगाने के लिए दोनों पक्षों के संबंधित अधिकारियों के बीच चर्चा के लिए सहमति जताई।
सीडीआरआई का सदस्य बना न्यूजीलैंड
पीएम ने कहा कि हम हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने के लिए न्यूजीलैंड का स्वागत करते हैं। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के बाद, हम न्यूजीलैंड को आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होने के लिए भी बधाई देते हैं। न्यूजीलैंड सीडीआरआई में 50वें सदस्य के रूप में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग आर्थिक और सामाजिक विकास में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं। हमने अवैध प्रवास के मुद्दे से निपटने और कुशल श्रमिकों की गतिशीलता को आसान बनाने के लिए एक समझौता तैयार करने पर काम करने का फैसला किया
दोनों देशों के बीच दूरी हमारे उज्ज्वल भविष्य की राह में बाधा नहीं : लक्सन
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री लक्सन ने कहा कि उन्होंने और मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण रणनीतिक दृष्टिकोण पर चर्चा की। मैंने समृद्ध हिंद-प्रशांत में योगदान देने के लिए अपने-अपने हितों पर साझा चिंताओं को दूर करने की हमारी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत न्यूजीलैंड और भारत को जोड़ता है लेकिन ये दूरी हमारे दोनों देशों के उज्ज्वल भविष्य की राह में कोई बाधा नहीं है। इससे पहले सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम एक ऐसी भारतीय सरकार देख रहे हैं जो न्यूजीलैंड के लिए अविश्वसनीय रूप से उदार और बहुत स्वागत करने वाली है। यह इस बात को दर्शाता है कि वे इस रिश्ते को और प्रगाढ़ करना चाहते हैं। भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय न्यूजीलैंड में तीसरा सबसे बड़ा जातीय समूह है, कुशल प्रवासियों का सबसे बड़ा स्रोत है और अंतरराष्ट्रीय छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है।
दोनों नेताओं ने वैश्विक चुनौतियों पर की बात, स्थायी शांति के लिए निरंतर वार्ता की अपील
संयुक्त बयान के अनुसार, पीएम मोदी और लक्सन ने वैश्विक चुनौतियों पर भी बात की। मध्य पूर्व की स्थिति पर दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए अपने दृढ़ समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर वार्ता के लिए अपने आह्वान को दोहराया। इसमें सभी बंधकों की रिहाई और पूरे गाजा में तेजी से, सुरक्षित और निर्बाध मानवीय पहुंच शामिल है। दोनों ने बातचीत के जरिये दो-राष्ट्र समाधान के महत्व पर जोर दिया, जिससे फलस्तीन के एक संप्रभु, व्यवहार्य और स्वतंत्र राज्य की स्थापना हो सके और इस्राइल के साथ शांति और सुरक्षा के साथ सुरक्षित और पारस्परिक रूप से मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर रह सकें। उन्होंने यूक्रेन में युद्ध पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान के आधार पर न्यायसंगत और स्थायी शांति के लिए समर्थन किया।
लक्सन ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
न्यूजीलैंड के पीएम लक्सन ने सोमवार सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।