यूपी चुनाव में दो चरण का मतदान बाकी है और इसके लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पार्टी के प्रचार में ताबड़ोड़ रैलियां कर रहे हैं। इसी सिलसिल में मोदी आज इलाहबाद के फूलपुर में पहुंचे।
रैली में मोदी सपा और कांग्रेस सरकार पर जमकर बरसे। मोदी ने कहा 'मैं इस देश के गरीब के लिए लड़ रहा हूं, किसान के लिए लड़ रहा हूं। जिसको जो करना है कर ले लेकिन भ्रष्टाचार, कालेधन के खिलाफ लड़ाई रुकने वाली नहीं है और मोदी थकने वाला नहीं है। मोदी ने आगे कहा कि 2014 से पहले सुनते थे स्कैम इंडिया और 2014 के बाद सुनते हैं स्किल इंडिया। इससे पहले हमें अखबारों में पढ़ने को मिलता था कि कोयला घोटाले में इतना गया। अब सुनने को मिलता कि कितना कालाधन आया।
इससे पहले मोदी ने भारी भीड़ से उत्साहित होकर रैली के मंच से कहा कि यूपी में परिवर्तन की आंधी चल रही है। उन्होंने कहा, 'चुनाव तो बहुत देखें है, चुनाव सभाएं भी बहुत देखी हैं, लेकिन इस चुनाव में मैं देख रहा हूं, उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में परिवर्तन की तेज आंधी चल रही है। ये चुनाव इसीलिए याद रहेगा कि झूठ-मूठ की प्रचार लीला से हिंदुस्तान के गरीब से गरीब मतदाता की आंखों में धूल नहीं झोंकी जा सकती है।' उन्होंने कहा कि यूपी में भाजपा की सरकार बनना निश्चित हो चुका है।
'सपा, बसपा और कांग्रेस इज्जत बचाने के लिए चुनाव में'
नरेंद्र मोदी
वहीं, नरेंद्र मोदी ने चुनावी सभा को एसपी-कांग्रेस गठबंधन पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ वो अपनी इज्जत बचाने का चुनाव लड़ रहे हैं, दूसरी तरफ हम यूपी का भाग्य बदलने का चुनाव लड़ रहे हैं। तीन चरण के चुनाव संपन्न होने पर पीएम ने कहा कि बीएसपी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इसमें लगे हैं कि इतनी सीटें आ जाएं कि बस इज्जत बच जाए।
उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार को हर सप्ताह कोर्ट से डांट पड़ती है। पीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपराधीकरण, भाई-भतीजावाद, मेरे-तेरे में नंबर एक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश हिंदुस्तान के सभी राज्यों में आखिरी कतार में दिखता है।
पीएम ने अखिलेश सरकार पर हमला करते हुए कहा, 'मैने ऐसी सरकार कभी देखी नहीं, जो जनता के प्रति जिम्मेवार न हो, नीयत में साफ न हो और जो सरकार कहती हो कि सरकार का काम बोलता है। तो श्रीमान अखिलेश जी अगर आपका काम बोलता होता तो इलाहाबाद की हाई कोर्ट को क्यों बोलना पड़ता। आए दिन इलाहबाद की कोर्ट जो बोलती है उससे पता चलता है कि आपका काम बोलता है कि कारनामे बोलते हैं'।