जेट एयरवेज के एक विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क टूटने पर विमान अपहरण की आशंका को देखते हुए जर्मनी ने उसकी सुरक्षा के लिए अपने दो लड़ाकू विमानों को लगा दिया था। हालांकि अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इसी रूट पर आगे जा रहे एक अन्य जेट विमान 9W 122 ने एटीसी के संपर्क से कटे विमान की मदद की, जिसकी वजह से उसका दोबारा से एटीसी से संपर्क हो सका। जेट का यह विमान मुंबई से लंदन की उड़ान पर था।
जिस वक्त यह घटना हुई उस समय विमान जर्मनी के आकाश में उड़ रहा था। विमान में 330 यात्री और 15 क्रू मेंबर सवार थे। जर्मनी के अधिकारियों को इसके अपहरण की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत अपने दो लड़ाकू विमान को जेट विमान की सुरक्षा में भेज दिया। हालांकि चंद मिनट में ही विमान से संपर्क स्थापित हो गया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक विवाद के घेरे में आए 9W 118 प्लेन का एक पायलट सो रहा था। आपको बता दें कि एविएशन के लिए तय मानक इस बात की इजाजत देते हैं कि एक पायलट विमान का कंट्रोल संभाले तो दूसरा आराम कर सकता है। प्लेन में जब पायलट सो रहा था तो दूसरे ने विमान के संचार सिस्टम को गलत फ्रीक्वेंसी पर डाल दिया था।