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PM CARES Fund: वित्त वर्ष 2020-21 में पीएम केयर्स फंड का कोष तीन गुना बढ़ कर 10900 करोड़ रुपये हुआ

Mon, 07 Feb 2022 10:54 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने इस फंड के तहत आने वाली राशि का एक हिस्सा चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद के लिए खर्च किया है। इनमें कोविड-19 महामारी के खिलाफ जंग को और मजबूत करने के लिए वेंटिलेटर की खरीद भी शामिल है। इसके अलावा पीएम केयर्स फंड के माध्यम से प्रवासियों को भी मदद उपलब्ध कराई गई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : unsplash
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विस्तार
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कोरोना वायरस वैश्विक महामारी जैसी आपातकालीन चुनौतियों से निपटने के लिए गठित किए गए पीएम केयर्स फंड में वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान लगभग तीन गुना बढ़ोतरी देखी गई। लेखापरीक्षित विवरण के अनुसार इस साल इस फंड का कोष 10,900 करोड़ रुपये हो गया और संवितरण भी बढ़ कर 3976 करोड़ रुपये रहा।

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संवितरण में प्रवासी कल्याण के लिए 1000 करोड़ रुपये और कोविड टीकों की खरीद के लिए 1392 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी शामिल है। इस वित्त वर्ष के दौरान पीएम केयर्स फंड में लगभग 494.91 करोड़ रुपये विदेशी दान के रूप में आए और 7183 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वैच्छिक योगदान के जरिए आए।

27 मार्च 2020 को हुआ था पीएम केयर्स फंड का गठन
पीएम केयर्स फंड (आपातकालीन स्थितियों में प्रधानमंत्री नागरिक सहयोग एवं राहत फंड) का गठन 27 मार्च 2020 को किया गया था। वित्त वर्ष 2019-20 में फंड में आई कुल राशि 3076.62 करोड़ रुपये थी। इसमें व्यक्तियों या संगठनों से पूरी तरह स्वैच्छिक योगदान शामिल है और इसको कोई बजटीय सहायता नहीं मिलती है। 

विपक्षी दल उठाते रहे हैं फंड की पारदर्शिता पर सवाल
हालांकि, विपक्षी दल पीएम केयर्स फंड की आलोचना करते रहे हैं। उनका दावा है कि इसमें आने वाले योगदान और खर्च पारदर्शी नहीं हैं। लेकिन, केंद्र सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार फंड से 1311 करोड़ रुपये 50 हजार 'मेड इन इंडिया' वेंटिलेटरों की खरीद में खर्च किए गए।

फंड से कहां, किस काम पर, कितनी राशि खर्च की गई
इसके अलावा बिहार की राजधानी पटना और मुजफ्फरपुर में 500 बिस्तरों वाले दो कोविड अस्पतालों की स्थापना में और नौ राज्यों में 16 आरटी-पीसीआर जांच लैब के निर्माण में 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना पर 201.58 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 
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प्रवासियों की मदद के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित
कोविड टीकों पर काम कर रही प्रयोगशालाओं को उन्नत करने के लिए 20.4 करोड़ रुपये खर्च कुए गए हैं। वहीं, प्रवासियों की मदद के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1000 करोड़ रुपये पीएम केयर्स फंड से आवंटित किए गए हैं। 6.6 करोड़ कोविड रोधी टीकों की खरीद के लिए 1392.82 करोड़ रुपये संवितरित किए गए हैं।
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