फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

NCoCS: मुख्य सचिवों के साथ पीएम मोदी का मंथन, राज्यों से विनिर्माण बढ़ाने और कारोबार को आसान बनाने की अपील

Sun, 28 Dec 2025 10:45 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्यों को मिलकर आत्मनिर्भर भारत, गरीबों को सशक्त बनाने और विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए काम करना होगा। उन्होंने हर क्षेत्र में गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा, गुणवत्ता शासन में हो, सेवाओं की डिलीवरी में हो और विनिर्माण में भी हो।
विज्ञापन
मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन में पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राज्यों से देश में विनिर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देने, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मजबूत करने और सेवा क्षेत्र को और सशक्त बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत में अपार संभावनाएं हैं और देश को एक वैश्विक सेवा महाशक्ति बनाने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - RSS-VHP On Congress: संघ पर मणिकम टैगोर की टिप्पणी से गरमाई सियासत, आरएसएस बोला- कांग्रेस की हताशा उजागर

मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन को किया संबोधित
यह बातें प्रधानमंत्री ने यहां आयोजित मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं। इस सम्मेलन का विषय 'विकसित भारत के लिए मानव पूंजी' रखा गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का फूड बास्केट बन सकता है। इसके लिए देश को परंपरागत खेती से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाली कृषि, बागवानी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान देना होगा। इससे भारत एक बड़ा खाद्य निर्यातक बन सकता है।
विज्ञापन

 
भारत ने 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पकड़ ली है- पीएम मोदी
उन्होंने कहा कि देश इस समय नई पीढ़ी के सुधारों के दौर से गुजर रहा है। भारत ने 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पकड़ ली है और इसका सबसे बड़ा इंजन युवा शक्ति और जनसांख्यिकी है। सरकार का प्रयास है कि इस जनसांख्यिकी को सशक्त बनाया जाए।

मेड इन इंडिया को गुणवत्ता का प्रतीक बनाएं- पीएम
उन्होंने 'मेड इन इंडिया' को गुणवत्ता का प्रतीक बनाने और 'जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट' के संकल्प को मजबूत करने की बात कही। साथ ही, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, युवा सशक्तिकरण, खेल और नई तकनीक के उपयोग पर भी चर्चा होने की जानकारी दी। यह सम्मेलन केंद्र-राज्य सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा, शक्तिकांत दास, कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन, नीति आयोग के सदस्य, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव तथा विशेषज्ञ शामिल हुए।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Mohan Bhagwat: 'भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में करें काम', आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का हिंदुओं से आह्वान

2022 से सम्मेलन का आयोजन
यह सम्मेलन पिछले चार वर्षों से हर साल आयोजित किया जा रहा है। पहला सम्मेलन जून 2022 में धर्मशाला में हुआ था। इसके बाद जनवरी 2023, दिसंबर 2023 और दिसंबर 2024 में नई दिल्ली में आयोजन किया गया।


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें