बिहार के सहरसा के रहने वाले पंकज कुमार (28 वर्ष) अपने माता-पिता के साथ नोएडा में रहते हैं। रात के समय वे नोएडा के ही एक बीपीओ में काम करते हैं। दिन के समय कुछ आराम करने के बाद उनकी भूमिका बदल जाती है। एक बीपीओ कर्मी से वे एक पर्यावरण बचाओ की अपील करने वाले कार्यकर्ता की भूमिका में आ जाते हैं। वे नोएडा, गाजियाबाद या आसपास के किसी भी एरिया में जाकर चौराहे पर पीठ पर पौधा और चेहरे पर मास्क लगा कर खड़े हो जाते हैं और लोगों से पर्यावरण बचाने की अपील करने लगते हैं।
पंकज कुमार 'प्लांट मैन' ने अमर उजाला को बताया कि पिछले छह महीने से वे लगातार ये काम कर रहे हैं। इसके पहले एक दिन वे कोई लेख पढ़ रहे थे, जिसमें पेड़ों की कमी के कारण पृथ्वी का तापमान बढ़ने और ग्लेशियरों के पिघलने के बारे में बताया गया था। उसे पढ़ने के बाद उन्हें लगा कि उन्हें भी कुछ करना चाहिए। इसके बाद ही उन्होंने इस नए तरीके से लोगों को जागरुक करने का मन बना लिया और तब से लगातार वे यह काम कर रहे हैं।
बीपीओ में काम करने वाले पंकज अच्छी तरह जानते हैं कि नए जमाने में लोगों को आकर्षित करने के लिए कैसे संदेश देना चाहिए। यही कारण है कि बड़े-बड़े बैनर पर कुछ लिखकर संदेश देने की बजाय आकर्षक तरीके से लोगों को अपनी तरफ खींचने का यह तरीका उन्होंने खोज निकाला। उन्होंने बताया कि इस काम के लिए वे किसी से कोई आर्थिक मदद नहीं लेते हैं। वे हर आने-जाने वाले से केवल पेड़ लगाने की अपील कर समाज में अपनी सकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं।